घर की साफ-सफाई करने और गर्भधारण में वैज्ञानिकों ने संबंध ढूंढ़ निकाला है। एक अध्ययन से पता चला है कि जो महिलाएं घर की साफ-सफाई नियमित रूप से करती हैं, उनकी गोद भरने के अवसर ज्यादा होते हैं
कैलिफोर्निया की बर्कले यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में एक इंटरनेशनल टीम द्वारा किए गए अध्ययन से पता चला है कि जो महिलाएं घर को नियमित रूप से साफ नहीं करती, उन्हें गर्भ धारण करने में ज्यादा वक्त लगता है। दूसरी ओर, घर की साफ-सफाई पर नियमित रूप से ध्यान देने वाली महिलाएं जल्दी गर्भ धारण कर लेती हैं।
शोध के अनुसार लाउंज, फैब्रिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, कालीन और घर में रखी प्लास्टिक की चीजों में एक ऎसा रसायन होता है, जो साफ-सफाई न करने वाली महिलाओं के गर्भवती होने में विलंब करा देता है। पीबीडीईएस नाम का यह रसायन घर के सामान पर जमी धूल या गंदगी की सतह पर आ जाता है, जो सांस के जरिए अंदर जाकर मानव की वसा कोशिकाओं में एकत्र हो सकता है। यदि महिलाओं के रक्त में पीबीडीईएस की मात्रा अधिक हो, तो उनके मां बनने के अवसर आधे हो जाते हैं।
शोध दल की प्रमुख किम हर्ली ने कहा कि पीबीडीईएस से पशुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बहुत से अनुसंधान हो चुके हैं, लेकिन मनुष्यों को लेकर बहुत कम हुए हैं। यह पहला अध्ययन है जो मानव की प्रजनन क्षमता पर पड़ने वाले असर का खुलासा करता है और इसके परिणाम चौंकाने वाले हैं।