श्रीलंका में सेना के कुछ वरिष्ठ अफ़सरों को हटा दिया गया है. सरकार का कहना है दलगत राजनीति में लिप्त होनेवाले ये अधिकारी देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा थे.
श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन अधिकारियों को सेवानिवृत्त होने का आदेश दिया गया है.
बीबीसी की सिंहला सेवा को मिली जानकारी के अनुसार कम-से-कम नौ वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया है.
एक वरिष्ठ सेना सूत्र ने बीबीसी को बताया कि हटाए जानेवाले अधिकारियों में से तीन मेजर जेनरल और चार ब्रिगेडियर जेनरल हैं.
अफ़सरों को हटाने का ये क़दम श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के बाद लिया गया है जिसमें राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने पूर्व सेना प्रमुख जेनरल सरत फ़ोन्सेका को हराया था.
सेना के कई अधिकारियों ने चुनाव में जेनरल फ़ोन्सेका का समर्थन किया था.
अब श्रीलंका के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के महानिदेशक लक्ष्मण हुलुगले ने एक बयान में कहा है,"ये अधिकारी दलगत राजनीति में लिप्त थे और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा थे."
श्रीलंका में 26 जनवरी को हुए चुनाव में राजपक्षे और फ़ोन्सेका के ख़ेमों के बीच ख़ासी तनातनी चली थी और दोनों ही ने एक दूसरे को जान से मारने की साज़िशें रचे जाने का दावा किया था.
चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद जेनरल फ़ोन्सेका हार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया.
उन्होंने अपने समर्थकों को डराने धमकाने और नतीजों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था.
एक सेना सूत्र ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि कुछ अधिकारियों को हटाने का फ़ैसला इसलिए किया गया है ताकि जेनरल फ़ोन्सेका सेना के भीतर से समर्थन लेकर किसी तरह का विद्रोह करने की कोशिश ना करें.
श्रीलंका की मीडिया में चुनाव परिणाम आने के बाद से ही इस तरह की चिंता प्रकट की जाती रही है कि वहाँ सरकार अपने आलोचकों का दमन कर सकती है.