पटना/मुंबई। महाराष्ट्र में मराठी बनाम गैरमराठी पर जारी महाभारत के बीच राहुल गांधी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि देश पर हर हिन्दुस्तानी का समान अधिकार है। बिहार का दो दिवसीय दौरा कर रहे राहुल गांधी ने आज पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुंबई सिर्फ मराठियों की नहीं बल्कि हर हिन्दुस्तानी की है।
महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों और मराठियों को लेकर जारी घमासान पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि "मैं इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता कि उद्धव ठाकरे क्या कह रहे हैं या शिवसेना की क्या राय है। बाल ठाकरे या राज ठाकरे के बयानों में मेरी कोई रूचि नहीं है। मैं बस इतना जानता हूं कि दूसरे राज्यों की तरह मुंबई भी भारत का हिस्सा है और इस पर हर हिन्दुस्तानी का हक है। इसलिए कोई भी हिन्दुस्तानी वहां जाकर बस सकता है।" उन्होंने कहा कि "महाराष्ट्र को सिर्फ मराठियों ने नहीं बनाया। महाराष्ट्र के निर्माण में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की भी अहम भूमिका है। दूसरे राज्यों की तरह यूपी बिहार के लोगों को भी मुंबई जाने और वहां रहने की आजादी है। यदि महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय पर हमले होते हैं, तो मैं चुप नहीं बैठुंगा।"
विवाद से पल्ला झाड़ा
वहीं, राहुल ने एनएसजी कमांडो को लेकर उनके बयान पर उठे विवाद पर भी आज सफाई दी। राहुल ने कहा कि "मेरे कहने का मतलब बस इतना था कि महाराष्ट्र से उत्तर भारतीयों को खदेड़ने वाले लोग उस समय कहां थे, जब उत्तर भारत के एनएसजी कमांडो 26/11 हमलों में आतंकियों से लोहा ले रहे थे।" उन्होंने पूछा उस समय बाल ठाकरे और राज ठाकरे ने उन्हें उत्तर भारत लौटने को क्यों नहीं कहा।
नीतियां सही, तरीका गलत
इस बीच राहुल गांधी ने बिहार के मौजूदा हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियां सही हैं, लेकिन उनका तरीका गलत है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नीतीश कुमार केन्द्र सरकार पर मदद नहीं देने का जो आरोप लगा रहे हैं, वो गलत है। उन्होंने कहा कि "हम भेदभाव के खिलाफ हैं और केन्द्र सरकार बिहार को पूरी मदद दे रही है।"
राहुल पर भड़के उद्धव
दूसरी ओर, महाराष्ट्र में मराठी बनाम गैरमराठी मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान से शिवसेना भड़क उठी है। शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना में आज छपे एक लेख में लिखा है कि राहुल ने एनएसजी के जवानों को उत्तर भारतीय बताकर 26/11 हमलों के शहीदों का अपमान किया है।
उद्धव ने सामना में लिखा है कि "मुंबई हमलों में सिर्फ उत्तर भारत और बिहार के जवान शहीद नहीं हुए थे। राहुल गांधी ने एनएसजी के जवानों को उत्तर भारत का बताकर महाराष्ट्र पुलिस के जवानों का अपमान किया है। राहुल का बयान 26/11 हमलों में मारे गए हेमंत करकरे, अशोक काम्प्टे, विजय सालस्कर जैसे शहीदों का अपमान है।" उद्धव के अनुसार 26/11 हमलों में शहीद हुए मुंबई पुलिस की शहादत एनएसजी कमाडों की शहादत से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल ने एनएसजी कमांडों की शहादत की बात कर दूसरे शहीदों का अपमान किया है और इसके लिए उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी होगी।
उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय दौरे पर बिहार गए राहुल गांधी ने सोमवार को गया में एक सभा में 26/11 हमलों में जान गंवाने वाले एनएसजी कमांडों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि मुंबई हमलों में जान गंवाने वाले एनएसजी के कमांडो उत्तर प्रदेश, बिहार के थे।