बर्लिन (ज्युरिख)। अरबों रूपए के गोपनीय खातों के लिए दुनिया में चर्चित स्विस बैंक से एक गुमनाम शख्स 1500 ऎसे खातों की खुफिया जानकारी हासिल कर इसे सरकारी अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश में लगा है। लेकिन इसके लिए उसने मोटी कीमत मांगी है।
मीडिया में ऎसी खबरें है कि इस शख्स ने यह खुफिया जानकारी बेचने के लिए जर्मन सरकार के कुछ अधिकारियों से संपर्क साधा है क्योंकि यह गोपनीय खाते जर्मन नागरिकों के हैं जिन्होंने अपने देश में बडे पैमाने पर कर चोरी करके काला धन स्विस बैंक में जमा किया है। जर्मनी के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स डयूशलैंड ने खबर दी है कि यह गोपनीय खाते उन जर्मन नागरिकों के हैं जो एचएसबीसी बैंक के भी ग्राहक हैं।
खबरों के मुताबिक गुमनाम शख्स ने जानकारी मुहैया कराने के लिए 25 लाख यूरो की कीमत मांगी है। यह कीमत सही मायने में देखा जाए तो जर्मनी सरकार के लिए कुछ भी नहीं क्योंकि इन गोपनीय खातों से 10 करोड यूरो से ज्यादा की कर चोरी का मामला जुड़ा है। पर जर्मन सरकार यह कीमत चुकाने को लेकर असमंजस की स्थिति में है। जर्मनी के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया है लेकिन इतना जरूर कहा कि यह सिर्फ संघ सरकार का नहीं बल्कि जर्मनी के सभी राज्यों से जुड़ा मामला है।
जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के वरिष्ठ सहयोगी और देश के रक्षा मंत्री कार्ल थियोडोर जू गुटेनबर्ग ने कहा है कि गोपनीय खातों की जानकारी का सौदा करने से पहले सरकार को इसके वैधानिक पक्ष की जांच करनी होगी। यह एक मुश्किल काम है क्योंकि जो भी जानकारी है वह गैर कानूनी तरीके से हासिल की गई है ऎसे में कानूनी तरीके से इसे खरीदने में कई दिक्कतें हैं। हालांकि आर्थिक विश्लेषकों की राय है कि सरकार को बेहिचक यह सौदा कर लेना चाहिए।