रसोई के मसालों में अनेक ऐसी चीजें हैं, जो कई रोगों के इलाज में सफलतापूर्वक सदियों से प्रयोग की जाती रही है। इन्हीं में शामिल है अदरक। आयुर्वेद में इसे कई तरह की तकलीफों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पुराने समय में ग्रीक में लोग खाने के बाद ब्रेड में लपेट कर अदरक खाते थे। चीन के नाविक नाव चलाते वक्त जी मिचलाने पर अदरक चूसते थे।
वास्तव में अदरक गुणों की खान है। वह सिर दर्द भगाता है, पेट की गडबडी कम कर देता है, पाचन-क्रिया को दुरुस्त करता है, खांसी में आराम पहुंचाता है। स्त्रियों की बहुत सी तकलीफों में भी आराम देता है। यहां तक कि कैंसर के इलाज में भी मददगार है। इसे सुखा कर सोंठ बनाया जाता है।
इसका पाउडर अनेक तकलीफों, जैसे मेंसेज की गडबडी, डिलीवरी के बाद की दिक्कतों और जोडों व कमर दर्द में फायदेमंद होता है। अनेक न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में भी अदरक आराम पहुंचाता है। आंकडे बताते हैं कि अदरक गैस्टिक अलसर, जुकाम, गठिया, संधिवात, सेक्सुएल डेफिशिएंसी, हाई कोलेस्ट्रॉल, एलर्जी, हार्ट प्रॉब्लम्स में काम करता है। इसके अनगिनत फायदों को देखते हुए इस पर अभी भी लगातार अध्ययन जारी हैं। उम्मीद है कि इसे जल्दी ही भारतीय रसोई से निकालकर चिकित्सकीय दवाओं में शामिल कर लिया जाएगा।