सभी प्रेम करना चाहते हैं और ख्वाहिश रखते हैं कि उन्हें भी कोई प्रेम करे, लेकिन कबीरदास जी ने कहा है, प्रेम गली अति सांकरी या में दो न समाय। दो न शरीर से, न अहंकार से, इसे मानने पर ही प्रेम लंबी दूरी तय करता है और इसकी गहराई बढ़ती है
सच्चे प्रेम की डगर आसान नहीं है। ऎसे रिश्ते बिरले ही देखने को मिलते हैं, जिन्होंने बिना किसी परेशानी के बहुत लंबा रास्ता तय कर लिया हो। रिलेशनशिप को बनाए रखने के लिए काफी मेहनत करनी होती है। पिछली बातों को भुलाते हुए रिश्ते को मजबूत रखना भी जरूरी होता है।
दूरियां बनें नजदीकियां
लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप, क्या इससे हमेशा तनाव ही होता है? यदि आपका जवाब हां है, तो आपको बहुत सी बातों के बारे में गहराई से सोचने की जरूरत है। सबसे पहले सोचिए कि आपको कितने समय एक-दूसरे से दूर रहना पड़ता है? आपका रिश्ता किस दौर से गुजर रहा है? आप अभी सिर्फ डेटिंग ही कर रहे हैं या फिर आपकी सगाई हो चुकी है। थोड़ी समझदारी से काम लिया जाए, तो दूर रहते हुए भी रिश्तों की मिठास बनाए रखी जा सकती है।
एक-दूसरे की जिंदगी से जुड़ी छोटी-बड़ी बातों में दिलचस्पी लें और इनसे जुड़ाव पैदा करने की कोशिश करें।
दूर रहते हुए भी अपने-अपने शहर में एक-दूसरे की पसंद की फिल्म एक ही समय देखें। इसके बाद इससे जुड़ी चर्चा करना न भूलें।
गिफ्ट और सरप्राइज देने के लिए किसी खास अवसर की प्रतीक्षा न करें। जब भी अवसर मिले, उन्हें उपहार देकर अपनी चाहत का अहसास करवाएं।
जब भी समय मिले, भविष्य की योजनाओं पर बात करें।व्यस्त जीवन से फुर्सत मिलते ही एक-दूसरे से मिलने जरूर जाएं।
ईष्र्या से दूर रहें और एक-दूसरे पर भरोसा रखें। साथी की स्वतंत्रता का सम्मान भी करें।
वीकेंड्स पर मिलना न हो सके, तो उस समय को बेकार की बातों में जाया करने की बजाय अपनी हॉबीज को पूरा करें।
कुछ भी हो, इस बात का यकीन करें कि यदि आपका प्यार सच्चा है, तो वह किसी भी तरह की परिस्थितियों में सर्वाइव कर जाएगा और दिनोदिन गहरा भी होता जाएगा।
बना रहे विश्वास
कोई भी अपने प्रेमी के बारे में ऎसी कल्पना तक नहीं कर सकता कि वह उसे छल सकता है। यदि आपको ऎसा आभास होने लगे, तो सबसे पहली और जरूरी बात है कि अपने अन्तर्मन की सुनें, वह क्या कहता है। पार्टनर के व्यवहार को सावधानी से नोटिस करें। किसी के प्रेम में अंधे होकर अपने दिलोदिमाग की खिड़कियां बंद कर लेने के दूरगामी नुकसान हो सकते हैं। बाद में किसी को दोष देने का कोई फायदा नहीं होगा। सच्चाई जान लेने के बाद जल्दी तय कर लें कि आप क्या चाहती हैं? संबंध तोड़ना या फिर उसमें सुधार की उम्मीद करना और उसके साथ आगे तक चलना। यदि आप उसे दूसरा चांस देना चाहती हैं, तो तसल्ली से बैठकर उससे बात करें।
यह जानें कि आखिर उसने ऎसा क्यों किया।
खुद पर भरोसा बनाए रखें।
सबसे ज्यादा जरूरी है रिश्ते और प्रेम में विश्वास बना रहे। यदि आपका विश्वास कम होता है, तो पूरी ईमानदारी से रिश्ते के हर पहलू पर फिर से विचार करें। कठोर निर्णय लेने से भी पीछे न हटें।
सकारात्मक सोच जरूरी
प्रेम में विफलता का अहसास तकलीफ देने वाला होता है। ऎसी स्थिति में धैर्य और हिम्मत के साथ काम लेना चाहिए। आम तौर पर देखा जाता है कि लोग मुश्किल से ही यह स्वीकार कर पाते हैं कि उन्हें कोई ठुकरा भी सकता है। ऎसा होने पर वे अवसाद में डूबने लगते हैं, तो कई ऎसे हैं जो निराशा में आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लेते हैं। रिजेक्शन के अहसास से ऊपर उठने के लिए कुछ बातें मददगार साबित हो सकती हैं-
सकारात्मक सोच रखें। आपका प्यार भले ही मुकाम तक नहीं पहुंचा हो, लेकिन हो सकता है कि वह व्यक्ति ही आपके काबिल न हो। जो हुआ, अच्छा हुआ और जो होगा, वह भी अच्छा ही होगा, इस बात पर यकीन रखें।
रिजेक्शन को भूलने की कोशिश करें। जिंदगी में आने वाली हर परिस्थिति का सामना हिम्मत से करने के बारे में सोचें। एक व्यक्ति के आपसे दूर जाने से आपकी खुशियों के सभी रास्ते बंद नहीं होते। जिंदगी को उत्साह से जिएं।
nथोडे दिनों के लिए कहीं बाहर चली जाएं। माहौल में बदलाव करना आपको फिर से रिचार्ज कर सकता है और तनाव काफी हद तक कम कर सकता है।
इस अहसास को खुद पर हावी न होने दें। दोस्तों से बातचीत करें और परिवारजनों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करें।
कमिटमेंट में कमी नहीं
कहीं आपको ऎसे व्यक्ति के साथ तो डील नहीं करना पड़ रहा जो अस्थिर प्रवृत्ति का है। ऎसे में महिलाएं आशंकित रहती हैं। आपका भी पाला ऎसे किसी व्यक्ति से पड़ा है, तो समय रहते संभल जाएं।
रिश्तों की शुरूआत में ही साथी के व्यवहार को भली-भांति परखने के प्रयास करें। किसी भी रिश्ते को निभाने में अक्सर कई तरह के वादे किए जाते हैं, लेकिन यह बात अच्छी तरह से जान लें कि आपका साथी रिश्ते को निभाने के लिए कितना कमिटेड है।
हमेशा ही उसके लिए प्रस्तुत न रहें, बल्कि कभी-कभी अनुपलब्ध भी रहें। कभी-कभी उसे बताए बिना भी दोस्तों के साथ बाहर जाएं। ऎसे में उसकी प्रतिक्रियाओं को जानें। उसके व्यवहार के अन्य पहलुओं को भी जानने-समझने की कोशिश करें।
प्रेम में एक-दूसरे को समझना बेहद जरूरी है। अपने साथी की भावनाओं को अच्छी तरह से जानें और उसे भी अपने बारे में बताएं। जिस दिन आप एक-दूसरे को पूरी तरह समझ पाएंगे, दूसरे लोगों के लिए आप आदर्श कपल बन जाएंगे।
ऑफिस रोमांस
ऑफिस रोमांस मेें सीमाओं का हर स्तर पर ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि आपको वहां किसी से प्रेम हो, तो उसके सार्वजनिक प्रदर्शन से बचें। ऎसा नहीं करने पर आपकी छवि पर तो असर पड़ता ही है, साथ ही आपको बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।