सौंदर्य के लिए महिलाओं का रूझान देखते ही बनता है। लेकिन कई बार सौंदर्य उत्पादों के लिए वे उतनी जागरूक नहीं होतीं, जितना अपेक्षित होता है। ब्रिटेन में हुए शोध में पाया गया है कि उनके ब्यूटी किट में कई तरह के बैक्टीरिया होने की आशंका होती है और ऎसे प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से त्वचा में कई तरह के इंफेक्शन होने के खतरे भी बढ़ जाते हैं। यह जानकर किसी को भी आश्चर्य हो सकता है कि अध्ययन के अनुसार तय सीमा से उनके मेकअप उत्पाद कुछ दिन पुराने नहीं, बल्कि औसतन 4 साल तक पुराने पाए गए हैं।
दिखने में भले ही इस तरह की प्रसाधन सामग्रियां ठीक नजर आती हों, लेकिन आईशैडो और लिपस्टिक जैसे उत्पादों में बैक्टीरिया पैदा होने का खतरा काफी ज्यादा पाया जाता है।
"डेली मेल" में छपी खबर के अनुसार जब इन असुरक्षित उत्पादों को काम में लिया जाता है, तो इनमें मौजूद बैक्टीरिया त्वचा को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं। अध्ययन के मुताबिक कुछ महिलाएं ऎसी भी होती हैं, जो 15 साल तक भी इन उत्पादों और संबंधित उपकरणों का इस्तेमाल करती रहती हैं और वे इसके नुकसानों के प्रति जागरूक नहीं होतीं। शोधकर्ताओं के अनुसार यदि पुराना हो चुका मस्कारा काम में लिया जाए, तो इससे इचिंग और स्वैलिंग जैसी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसी तरह एक्सपाइरी डेट निकलने के बाद लिपस्टिक को लगाया जाए, तो इससे होंठ में कट भी आ सकते हैं। ब्रशेज का सालों तक इस्तेमाल करना भी त्वचा के लिए ठीक नहीं बताया गया है। इनमें कई तरह के सूक्ष्म जीवों की आशंकाएं होती हैं, जिससे संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है।
अध्ययन के अनुसार कॉस्मेटिक उत्पादों के इस्तेमाल के लिए यूरोपियन यूनियन की ओर से पांच साल पहले कुछ नियम भी बनाए गए थे। कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों को इन उत्पादों पर सुरक्षित उपयोग की सीमा लिखने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन डैबनहैम्स की ओर से हुए इस शोध के अनुसार 89 प्रतिशत महिलाओं को या तो उत्पादों पर मौजूद इन निर्देशों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, या फिर कुछ मामलों में वे इसे समझ नहीं सकीं और कई बार तो छोटे आकार में लिखे होने की वजह से वे इसे पढ़ नहीं सकी थीं।