नई दिल्ली. पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि के खिलाफ भाजपा की दिल्ली इकाई ने आज संसद मार्च किया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।
वर्ष 2010-11 के आम बजट में पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि प्रस्ताव के खिलाफ भाजपा दिल्ली इकाई के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश कोहली और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्ना की अगुवाई में प्रदेश कार्यालय से संसद की तरफ मार्च किया जिन्हें बीच में ही पुलिस ने रोक कर हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को पानी की बौछारे भी छोड़नी पड़ी।
प्रदर्शनकारी हाथ में तख्ती लिए हुए थे जिन पर पेट्रोल और डीजल के बढे हुए दामों को वापस लिए जाने के नारे लिखे हुए थे। प्रो. कोहली ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि महंगाई से जनता पहले ही त्नस्त हैं और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से उसकी दिक्कतें और बढेंगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन और माल की आवाजाही महंगी हो जाएगी। इससे दूध, सब्जी और अनाज जैसी रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं जिनकी कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं और महंगी हो जाएंगी।
उन्होंने केन्द्र की संप्रग सरकार पर पर जमाखोरों और मुनाफाखोरों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था प्रबंधन में बुरी तरह असफल सिद्ध हुई है। महंगाई सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का परिणाम है।
प्रो. मल्होत्ना ने कार्यकर्ताओं से महंगाई के खिलाफ लंबी लडाई के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि अनुभव बताता है कि जब-जब कांग्रेस सत्ता में आई, महंगाई का ग्राफ तेजी से बढ़ा। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्निक गठबंधन सरकार के राज में महंगाई पूरी तरह से काबू में थी और आम आदमी को जरुरत की चीजें वाजिब दाम और सहजता से उपलब्ध थीं।
प्रदर्शनकारियों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमत्नी मदन लाल खुराना, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंद किशोर गर्ग, विधायक जगदीश मुखी, रमेश विधूडी, साहिब सिंह चौहान, हरशरण सिंह बल्ली, श्रीकृष्ण त्यागी, ओम प्रकाश बब्बर, करण सिंह तंवर, अनिल झा और सुनील वैद्य के अलावा निगम में सदन के नेता सुभाष आर्य, प्रदेश भाजपा महासचिव आर पी सिंह, पवन शर्मा, वीरेन्द्र सचदेवा, महिला मोर्चा की महामंत्नी रेखा गुप्ता आदि शामिल थीं।