बीजिंग। चीन ने चेतावनी दी कि कोई भी देश तिब्बत और ताइवान के मसलों में हस्तक्षेप न करे। चीन की सरकार के प्रवक्ता लि जओजिंग ने किसी भी देश का नाम लिए बिना गुरूवार को कहा कि पश्चिमी नेताओं के पास तिब्बत के निर्वासित धर्मगुरू दलाई लामा से मिलने की बजाय और भी जरूरी काम होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों के नेता काफी व्यस्त हैं इसके बावजूद भी उनके पास दलाई लामा से मिलने का समय है। हमें यह समझ नहीं आता और जब से चीन की जनता को यह पता चला है वह बहुत नाराज है।
ज्ञातव्य है कि अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चीन की नाराजगी के बावजूद दलाई लामा से मुलाकात की थी। इससे पहले अमरीका ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह ताइवान को छह अरब 40 करोड़ डालर के हथियार बेचेगा जिससे चीन के साथ उसका तनाव बढ़ गया था।
जओजिंग ने कहा कि कुछ लोग दलाई लामा की मीठी बातों में आ जाते हैं। उनका कहना है कि वह तिब्बत की आजादी का समर्थन नहीं करते लेकिन हम उनकी हरकतों पर नजर रखे हुए हैं। ताइवान के मुद्दे पर उन्होंने अमरीका को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ताइवान को हथियार बेचने की विदेशी कोशिशें बिल्कुल अस्वीकार्य हैं।