कोपेनहेगन। फल रस को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन हर रोज लाखों बच्चों और वयस्कों द्वारा पिए जाने वाले फल रस में एक रसायन पाया जाता है जिससे कैंसर हो सकता है। यह बात वैज्ञानिकों ने अपने एक अध्ययन में कही है।
वैज्ञानिकों को कई जाने-मानी कम्पनियों के फल रसों में "एंटीमोनी" रसायन की भारी मात्रा मिली है जो सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के वैज्ञानिकों को फल रसों की बोतलों में इस रसायन की मात्रा 2.6 प्रतिशत ज्यादा होती है। हालांकि मिनरल वॉटर के लिए इसे सुरक्षित माना जाता है। कुछ फलों के रस में यह मात्रा दस गुना से ज्यादा थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह रसायन प्लास्टिक की बोतलों के कारण रसों में मिल रहा है जिनमें इन्हें पैक किया जाता है।
वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन के बाद इस बात को लेकर चिंता जताई है कि इस रसायन से सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को है, जो ऎसे रसों का काफी मात्रा में सेवन करते हैं। उन्होंने इस मामले में जांच की मांग की है।
अध्ययन के अनुसार "एंटीमोनी" से कैंसर होने का खतरा रहता है, साथ ही दिल और फेंफड़ों से सम्बन्घित दिक्कतें हो सकती हैं।
क्या है "एंटीमोनी"
"एंटीमोनी" का इस्तेमाल "पॉलीएथीलीन तेरेपथालेट" (पेट) बोतलें बनाने के काम आता है जिनका इस्तेमाल मिनरल वॉटर बेचने वाली कम्पनियां करती हैं। साथ ही इसका इस्तेमाल उन लोगों के लिए दवा के रूप में किया जा सकता है जो परजीवी से ग्रसित हैं।
हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस मामले में अभी और अध्ययन किया जाना है। वहीं ब्रिटिश सोफ्ट ड्रिंक्स एसोशिएशन के प्रवक्ता ने अपने उद्योग का समर्थन किया है। प्रवक्ता ने कहा कि अध्ययन में जिन कम्पनियों के फल रसों को सेहत के लिए हानिकारक बताया गया है, वे रस पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों ने स्वयं कहा है कि इस मामले में अभी और अध्ययन किया जाना बाकी है।
प्रवक्ता के अनुसार लोगों की सेहत का ध्यान रखते हुए रसों को पैक करते वक्त पूरी सुरक्षा बरती जाती है।