नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अगर बैंकों ने सावघि जमाओं पर ब्याज के लिए केवल प्रावधान किया है और इसका भुगतान वास्तव में जमाकर्ता को नहीं किया गया है तो स्रोत पर आयकर की कटौती नहीं की जाएगी।
अभी तक बैंकों से अपेक्षा की जाती थी कि ब्याज भुगतान के लिए केवल प्रावधान कर वे कर कटौती कर लें। हालांकि, सीबीएस का इस्तेमाल कर रहे बैंकों के लिए इससे समस्या पैदा हो रही थी क्योंकि सीबीएस के जरिए ग्राहक बैंक की किसी भी शाखा से अपने खाते से लेनदेन करने में सक्षम हैं। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने आयकर विभाग से कहा था कि सीबीएस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे बैंक सावघि जमाओं पर देय ब्याज की गणना आमतौर पर दैनिक या मासिक आधार पर करते हैं, लेकिन वे इसे केवल निगरानी के लिए प्रावधान वाले खाते में रखते हैं।
इस तरह से, ब्याज का भुगतान वास्तव में जमाकर्ता के खाते में या तो वित्त वष्ाü के अंत में या जमा की परिपक्वता पर किया जाता है। वित्त मंत्रालय के अघिकारी के मुताबिक, सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि चूंकि सीबीएस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने वाले बैंकों द्वारा इसलिए बैंकों को ब्याज के ऎसे प्रावधान पर स्रोत पर कर कटौती करने की जरूरत नहीं है।