लखनऊ. होली के दिन मुख्यमंत्री मायावती के पोस्टर पर रंग डालने वाले चार छात्रों को आज कोर्ट ने बरी कर दिया है। पुलिस ने लखनऊ के सैनिक स्कूल के चार छात्रों को पोस्टर पर कलर डालने के बाद गिरफ्तार कर उनके साथ बड़ी बेरहमी के साथ पेश आए।
पुलिस ने चारों छात्र को होली के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद अब जाकर कोर्ट ने उन्हें छुट्टी मिली। सबसे बड़ी बात इन छात्रों का चार मार्च से बोर्ड एक्जाम भी चल रहा था और ये छात्र जेल से ही अपनी परीक्षा देने जाते थे।
इस घटना पर मुख्यमंत्री मायावती ने भी गहरा दुखः जताते हुए कहा कि पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए था। अगर इन्होंने नादानी वस ऐसी गलती की तो इन्हें समझा-बुझाकर छोड़ देना चाहिए था।
ये सभी छात्र महाराज, मैनपुरी, मऊ और कानपुर के हैं और लखनऊ के सैनिक स्कूल में 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। होली के दिन गिरफ्तार करके पुलिस ने इन्हें बाल सुधार घर भेज दिया था। इसके बाद भी इन छात्रों को पुलिस चाहती तो सिर्फ समझा-बुझाकर छोड़ देती लेकिन इनको थाने ले जाकर अपराधियों की तरह न सिर्फ प्रताड़ित किया बल्कि इन पर सरकारी संपदा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाकर इन्हें जेल में डाल दिया।
उधर इन चारों छात्रों के घर वालों का कहना है कि पुलिस ने हमारे बच्चों को फंसाया है। पुलिस पर आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने कहा कि इन बच्चों को अभी इतनी समझ नहीं है लेकिन पुलिस को तो समझना चाहिए। मान लो इन्होंने थोड़ी सी गलती कर दी तो क्या पुलिस को इतना सख्त कदम उठाना चाहिए।
अभिभावकों ने कहा कि हमारे बच्चे कठिन मेहनत करके स्कूल में दाखिला पाए हैं और परिवार से दूर रहकर ये पढ़ाई कर रहे हैं। ये चारों छात्र 12वीं के इक्जाम की तैयारी कर रहे है। पुलिस पर भड़ास निकालते हुए अभिभावकों ने कहा कि ये लोग अपराधियों के आगे तो घुटने टेक देते हैं और जो निरपराध लोग मिलते हैं उनपर रोब झाड़ते हैं। हमारे बच्चों के करियर से पुलिसवालों ने खिलवाड़ किया है।