CSPOC कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन पर पीएम मोदी बोले- भारत ने विविधता को अपने लोकतंत्र की ताकत बनाया

CSPOC

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन का उद्घाटन किया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अगुवाई में हो रहे इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने विविधता को अपने लोकतंत्र की ताकत बना लिया है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकरों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन भारत की मेजबानी में हो रहा है और इसमें 42 राष्ट्रमंडल देशों के 61 स्पीकर और पीठासीन अधिकारी शामिल हैं। यह सम्मेलन भारत के लिए एक बड़ा मंच है, जहाँ लोकतंत्र की मजबूती और ग्लोबल साउथ की आवाज पर ख़ास फोकस रहा।

संसद के संविधान सदन में आज ऐतिहासिक पल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस 28वें CSPOC का शुभारंभ किया और लोकतंत्र पर गहन संबोधन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा – भारत ने अपनी विविधता को लोकतंत्र की ताकत बना लिया है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत ने दिखाया है कि मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं लोकतंत्र को स्थायित्व, गति और व्यापकता देती हैं। पीएम मोदी ने कहा “भारत ने दिखाया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं लोकतंत्र को स्थायित्व, गति और व्यापकता प्रदान करती हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत के लोकतंत्र को ‘अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने’ वाला बताया। उन्होंने कहा – हमारा लोकतंत्र एक विशाल वृक्ष की तरह है, जिसकी जड़ें गहरी हैं। यहां वाद-विवाद, संवाद और सामूहिक निर्णय की सदियों पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा “भारत में लोकतंत्र का अर्थ है अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचाना। हमारा लोकतंत्र एक विशाल वृक्ष की तरह है जिसकी जड़ें गहरी हैं; हमारे यहां वाद-विवाद, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने की लंबी परंपरा है।”

वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका पर बोलते हुए पीएम ने जोर दिया कि मौजूदा चुनौती पूर्ण दौर में भी भारत हर फोरम पर विकासशील देशों के मुद्दों को मजबूती से उठा रहा है। G20 की अध्यक्षता के दौरान भी ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखा गया।

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प्रधानमंत्री ने कहा “भारत हर वैश्विक मंच पर विकासशील देशों के मुद्दों को मजबूती से उठा रहा है। वैश्विक मंच पर भारत ग्लोबल साउथ की आवाज पूरी मजबूती से उठा रहा है। जी20 की अध्यक्षता के दौरान भी, भारत ने वैश्विक एजेंडा के केंद्र में विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को रखा है।”

यह सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक चलेगा, जिसमें AI का संसद में उपयोग, सोशल मीडिया का प्रभाव, नागरिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।लोकसभा स्पीकर ओम बिरला इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं। इस मौके पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस लोकतंत्र के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग ले रहे हैं। बहरहाल यह सम्मेलन भारत की बढ़ती वैश्विक साख और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

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