BMC: महाराष्ट्र निकाय चुनावों में मार्कर पेन में इस्तेमाल होने वाली ‘पक्की’ स्याही की गुणवत्ता को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग पर नागरिकों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘‘वोट चोरी एक देश विरोधी कृत्य है। महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने गुरुवार शाम को कहा कि वो विपक्ष के नेताओं के आरोपों के बाद निकाय चुनावों में इस्तेमाल मार्कर पेन वाली ‘पक्की’ स्याही की गुणवत्ता की पूरी जांच करेगा। BMC
Election commission gaslighting citizens is how trust has collapsed in our democracy.
Vote Chori is an anti-national act. pic.twitter.com/3FZKkDPwDg
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 16, 2026
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विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि मतदाताओं की उंगली पर लगा निशान आसानी से हटाया जा सकता है, जिससे फर्जी मतदान हो सकता है।बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) समेत 29 नगर निकायों के लिए मतदान के बीच गुरुवार को सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए, जिनमें दावा किया गया कि एसीटोन जैसे रसायन का इस्तेमाल करके स्याही कैसे हटाई जा सकती है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन दावों को खारिज कर दिया। BMC
राहुल गांधी ने इस विवाद के संबंध में ‘एक्स’ पर एक खबर साझा की, जिसमें कहा गया था, ‘‘विपक्ष, मतदाता मार्कर की स्याही फीकी पड़ने पर गुस्सा दिखा रहे हैं। निर्वाचन आयोग लोगों को गुमराह कर रहा है, इसी वजह से हमारे लोकतंत्र पर से भरोसा खत्म हो गया है। वोट चोरी एक राष्ट्र विरोधी कृत्य है।’’
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राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि इस विवाद को देखते हुए आयोग आने वाले जिला परिषद चुनावों में मार्कर पेन का इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि कर्नाटक सरकार की कंपनी मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड की बनाई पारंपरिक स्याही का इस्तेमाल करेगा, जिसका इस्तेमाल विधानसभा और लोकसभा चुनावों में हुआ।
वाघमारे ने कहा, ‘‘आयोग ने जांच करने का फैसला किया है। इसमें न केवल स्याही की गुणवत्ता बल्कि दिन भर वितरित किए गए वीडियो भी शामिल होंगे। वीडियो की जांच ये पता लगाने के लिए होगी कि उंगली पर स्याही वोटिंग के दौरान लगाई गई थी या किसी शरारती तरीके से।’राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ‘‘हम पूरे राज्य में इस्तेमाल हुए मार्कर पेन के आज रैंडम नमूने लेंगे और हमें दी गई स्याही की गुणवत्ता की जांच करेंगे।
