Gujrat News: क्रिकेट प्रेमी इन दिनों टी-20 वर्ल्ड कप के रोमांच में डूबे हैं। कम ही लोग जानते हैं कि इस वैश्विक टूर्नामेंट का खास ‘सूरत कनेक्शन’ भी है। मैचों की शुरुआत से पहले मैदान पर जो विशालकाय राष्ट्रीय ध्वज दिखते हैं, वे सभी सूरत में तैयार किए गए हैं। ये दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रीय ध्वज हैं, जिन्हें सूरत की एक कंपनी ने रीसायकल किए गए प्लास्टिक कचरे से बनाया है।
गुजरात का सूरत कपड़ा इंडस्ट्री के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहीं बने 20 देशों के विशाल राष्ट्रीय ध्वज टी-20 वर्ल्ड कप की शोभा बढ़ा रहे हैं। मैच शुरू होने से पहले जब दोनों टीमों का राष्ट्रगान बजता है, तो स्वयंसेवक और कर्मचारी इन विशाल ध्वजों को मैदान पर लाते हैं। जब इन्हें खोला जाता है, तो वो नजारा देखने लायक होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि ये झंडे 100 प्रतिशत रीसायकल किए गए प्लास्टिक कचरे से बने हैं। Gujrat News
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इन ध्वजों का निर्माण सूरत की ‘प्रवीण ओवरसीज कंपनी’ ने किया है। कुल 3,500 किलोग्राम वजन वाले 20 झंडों को सूरत की कंपनी ने एक कूरियर सेवा के माध्यम से डिलीवर किया है। Gujrat News
झंडे बनाने वाले प्रवीण गुप्ता ने बताया, “हमारी कंपनी इन झंडों का निर्माण करती है और ये दुनिया के सबसे बड़े झंडे हैं। एक झंडे का माप 35 मीटर गुणा 20 मीटर है। हमने इन्हें बनाने के लिए रीसायकल किए गए यार्न और पॉलिएस्टर कपड़े का उपयोग किया है। कानपुर की एक कंपनी को शुरू में ये ऑर्डर मिला था। उन्होंने इसके निर्माण का काम हमारी कंपनी को सौंपा।”
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उन्होंने बताया कि लगभग 100 कर्मचारियों ने एक महीने तक दिन-रात काम करके इन्हें तैयार किया है। रीसायकल करने के लिए करीब 11,000 प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल किया गया है। हर झंडे के लिए 500 मीटर कपड़े की आवश्यकता होती है। एक झंडे का वजन 150 किलोग्राम है। इस तरह 20 झंडों का कुल वजन 3,500 किलोग्राम है। Gujrat News
कंपनी ने आईसीसी लोगो वाले नौ झंडे भी बनाए हैं, जिनका व्यास 15 मीटर और वजन 150 किलोग्राम है। प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सभी झंडों को बनाने में काफी सावधानी बरती गई है। चूंकि ये अलग-अलग देशों के राष्ट्रीय ध्वज हैं, इसलिए इसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती है। पिछली बार भी उन्होंने सभी देशों के राष्ट्रीय ध्वज बनाए थे। Gujrat News
