दिल्ली का एम्स बना फेस ट्रांसप्लांट शुरू करने वाला देश का पहला संस्थान

Delhi AIIMS: Delhi's AIIMS becomes the country's first institute to start face transplants

Delhi AIIMS: नयी दिल्ली का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देश का पहला ऐसा चिकित्सा संस्थान बन गया है, जिसने फेस ट्रांसप्लांट शुरू करने की घोषणा की है। एम्स के ‘प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव एंड बर्न सर्जरी’ विभाग ने चेहरे की गंभीर विकृति वाले मरीजों के लिए एक रजिस्ट्री स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। Delhi AIIMS

विभाग सांस लेने, मुंह खोलने और पलक झपकाने जैसे चेहरे के महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा से जूझ रहे मरीजों और कई शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं के बावजूद सही न हो पाने वाले रोगियों को इस प्रक्रिया का फायदा पहुंचाएगा। विभाग 11 से 15 फरवरी तक ‘बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक’ में एक गहन शव परीक्षण कार्यशाला और अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी कर रहा है। कार्यशाला के अंतर्गत, गुरुवार को ‘ब्रेनडेड’ रोगी के चेहरे की त्वचा का नमूना लिया गया।  Delhi AIIMS Delhi AIIMS

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इस उन्नत प्रशिक्षण पहल का नेतृत्व करने के लिए, एम्स ने बोस्टन के ब्रिघम एंड विमेंस हॉस्पिटल (हार्वर्ड मेडिकल स्कूल) में प्लास्टिक सर्जरी के एसोसिएट चीफ डॉ. इंद्रनील सिन्हा की मेजबानी की, जो ‘कंपोजिट टिश्यू एलोट्रांसप्लांटेशन’ और ‘फेस ट्रांसप्लांट सर्जरी’ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ हैं। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. मनीष सिंघल दूसरे संकाय सदस्यों, डॉ. शशांक चौहान, डॉ. राजा तिवारी, डॉ. राजकुमार मानस, डॉ. शिवंगी साहा और डॉ. अपर्णा सिन्हा के साथ इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। Delhi AIIMS

एम्स के ‘प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव एंड बर्न सर्जरी’ विभाग के प्रमुख डॉ. सिंघल ने बताया कि तेजाब हमले, गोली लगने से और दूसरे आघातों के कारण चेहरे की गंभीर विकृतियों से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज 10 से 12 सर्जरी के बाद भी इस स्थिति से उबर नहीं पाते हैं।

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डॉ. सिंघल ने कहा, ‘‘एम्स में इस क्षमता का विकास उन रोगियों को समग्र कार्यात्मक और सौंदर्यपूर्ण पुनर्वास प्रदान करने के लिए जरूरी है जिनके पास वर्तमान में बहुत सीमित विकल्प हैं।’’ डॉ. इंद्रनील सिन्हा ने स्वीकार किया कि एम्स में उपलब्ध कौशल और बुनियादी ढांचा अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर है। उन्होंने कार्यक्रम को अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया। चेहरा प्रतिरोपण एक चिकित्सीय प्रक्रिया है, जिसमें किसी व्यक्ति के चेहरे के पूरे या आंशिक हिस्से का पुनर्निर्माण मृत दाता से प्राप्त ऊतकों का इस्तेमाल करके किया जाता है। इसका मकसद कार्यक्षमता और सौंदर्य को बहाल करना होता है।

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