केरल के तिरुवनंतपुरम के एक ऐसा सरकारी स्कूल है जहां भारतीय विविधता की छवि देखने को मिलती है। यह अलग-अलग राज्यों के प्रवासी मजदूरों के बच्चों का ‘दूसरा घर’ है। ये स्कूल भाषा और भूगोल की सरहदों से परे है।Kerala
आपको बता दें, केरल के तिरुवनंतपुरम में एक उच्च प्राथमिक सरकारी विद्यालय है। यहां अलग-अलग राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों के बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में समावेशिता और सौहार्द का माहौल ‘एक भारत, खुशहाल भारत’ का अहसास कराता है। ये स्कूल गैर-मलयाली छात्रों के लिए घर से कम नहीं। केरल के बच्चे भी हर किसी को अपने परिवार के सदस्य मानते हैं। यहां रोजमर्रे की आपसी बातचीत और तरह-तरह की गतिविधियों के जरिये ज्ञान, करुणा और भाईचारे का पाठ पढ़ाया जाता है। दोस्ती भाषाई पहचान से ऊपर होती है। Kerala
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यहां पर छात्र मलयालम सीखकर आपसी रिश्ते को मजबूत करते हैं और आपसी सम्मान को बढ़ावा देते हैं। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम का ये स्कूल भारतीय विविधता की जीवंत तस्वीर पेश करता है। यहां छात्रों के बीच एकता की भावना साफ दिखती और सुनाई देती है। किसी भी छात्र को नजरंदाज नहीं किया जाता, चाहे वो देश के किसी भी कोने से आया हो। Kerala
