Election Commission: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और राज्य चुनाव आयुक्तों (SECs) के बीच आयोजित नेशनल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में आज सर्वसम्मति से ‘नेशनल डिक्लेरेशन 2026’ को स्वीकार कर लिया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की चुनावी मशीनरी को और अधिक कुशल और पारदर्शी बनाना है। Election Commission
सम्मेलन में यह माना गया कि शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना लोकतंत्र की आधारशिला है और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया ही लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करती है। संवैधानिक हितों को ध्यान में रखते हुए, ECI ने राज्य चुनाव आयोगों के साथ ECINET, EVM, मतदाता सूची और IIIDEM के बुनियादी ढांचे को साझा करने के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करने का सुझाव दिया है। ECI और SECs अब पंचायत, नगर निकाय, संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनाव से संबंधित कानूनों में तालमेल बिठाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
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राज्य चुनाव आयुक्तों को अब ECI के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही, भविष्य में हर साल ऐसी नेशनल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। SECs द्वारा दिए गए सभी सुझावों का अध्ययन कानून और तकनीकी अधिकारियों की एक संयुक्त टीम करेगी। अगले तीन महीनों के भीतर प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक कार्ययोजना (Way Forward) तैयार कर भारतीय निर्वाचन आयोग को सौंपी जाएगी। यह घोषणापत्र देश की चुनावी प्रणाली में सुधार और तकनीकी समन्वय की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
