Uttar Pradesh: ब्रिटिश नागरिकों को जेल… नेपाल सीमा से अवैध प्रवेश का मामला

Uttar Pradesh: British citizens jailed for illegal entry from Nepal border

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की एक अदालत ने नेपाल से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के दोषी दो ब्रिटिश नागरिकों को छह महीने की कैद की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने मंगलवार 7 अप्रैल को ये जानकारी दी। अभियोजन अधिकारी निर्मल यादव ने मंगलवार को पीटीआई वीडियो को बताया कि सोमवार को बहराइच की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा चौधरी ने ब्रिटिश नागरिक हसन अम्मान सलीम (35) और सुमित्रा शकील ओलीविया (61) को छह-छह माह के कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। Uttar Pradesh

पिछले साल नवंबर में भारत-नेपाल सीमा पर रूपईडीहा से उन्हें वैध दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने उन्हें अपील की अवधि तक के लिए देश ना छोड़ने की शर्त पर जमानत दे दी है। यादव ने बताया कि सलीम का पुश्तैनी निवास पाकिस्तान के गुजरांवाला में है और वर्तमान में वो ब्रिटेन के मैनचेस्टर का नागरिक है और वहां की डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी में ऑडियोलॉजी का व्याख्याता है। उन्होंने बताया कि उसकी सहयोगी सुमित्रा शकील ओलीविया मूल रूप से कर्नाटक में उडुपी की रहने वाली है, लेकिन बाद में उसने ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी।

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Uttar Pradesh- यादव ने बताया कि पिछले साल नवंबर में दोनों ब्रिटेन से नेपालगंज के एक मेडिकल कालेज में सुनने में असमर्थ बच्चों के लिए आयोजित एक चैरिटी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये थे और उनके पास नेपाल का वीजा था। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर 2025 को सशस्त्र सीमा बल के जवानों व पुलिस ने भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जांच के दौरान नेपाल से भारत में दाखिल होने की कोशिश के दौरान दोनों को रोका था। उनके पास भारत में दाखिल होने के वैध दस्तावेज नहीं मिले थे।

यादव ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ के बाद उन्हें आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धारा 21 के तहत गिरफ्तार कर लिया था लेकिन कुछ दिन जेल में रहने के बाद अदालत ने उन्हें देश ना छोड़ने की शर्त पर जमानत पर रिहा किया था और तब से दोनों भारत में रहकर लगातार अदालत की तारीखों पर हाजिर हो रहे थे। उन्होंने बताया अदालत में प्रतिदिन त्वरित गति से सुनवाई हो रही थी। इसलिए जमानत पर रिहा होने के बाद अधिकांश समय वे बहराइच के होटलों में रहे थे। यादव ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा चौधरी की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर दोनों को दोषी मानते हुए ये सजा सुनाई है।

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