Delhi: राष्ट्र के भविष्य यानी युवाओं को नई दिशा दिखाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज दिल्ली के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के बीच रहे। बिरला दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड और दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल एवं महाराजा अग्रसेन कॉलेज के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए। अपने संबोधन में बिरला ने न केवल छात्रों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प में युवाओं की भूमिका को सबसे अहम बताया।Delhi:
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डीपीएस मथुरा रोड कार्यक्रम में बिरला- कार्यक्रम की शुरुआत डीपीएस मथुरा रोड से हुई, जहाँ लोकसभा अध्यक्ष ने संस्थान की गौरवशाली यात्रा की सराहना की।बिरला ने कहा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। बिरला ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि साधारण शुरुआत से भी उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है, बशर्ते आपके पास बड़े सपने और उन्हें पूरा करने का समर्पण हो।महाराजा अग्रसेन कॉलेज में बिरला- इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज पहुँचे। Delhi:
यहाँ बिरला ने ‘अब्दुल कलाम रिसर्च सेंटर’ जैसे नवाचारों की प्रशंसा की। बिरला ने जोर देकर कहा कि आज भारत की बौद्धिक शक्ति का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि”आज दुनिया की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व भारतीय युवा कर रहे हैं। आपके पास अपार अवसर हैं। नवाचार और कौशल विकास के जरिए आप ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।”ऐतिहासिक आदर्शों का जिक्र करते हुए बिरला ने महाराजा अग्रसेन के लोककल्याणकारी शासन और सरदार वल्लभभाई पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। बिरला ने कहा कि जब युवा इन महान विभूतियों के दर्शन को समझेंगे, तो उनका आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना और सुदृढ़ होगी।Delhi:
किरोड़ीमल कॉलेज में बिरला- दिन का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव किरोड़ीमल कॉलेज रहा। यहाँ ओम बिरला ने शिक्षा की समावेशिता पर विशेष बल दिया। बिरला ने कॉलेज द्वारा दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाने की पहल की सराहना की।बिरला ने कहा कि वास्तविक प्रगति वही है जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि ”नई शिक्षा नीति 2020 केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि आलोचनात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाली है।
शिक्षकों को मैं समाज का वास्तविक शिल्पकार मानता हूँ, जो राष्ट्रोन्मुख नागरिकों का निर्माण कर रहे हैं।”अंत में, लोकसभा अध्यक्ष ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब ‘विकसित भारत 2047’ की तस्वीर आपके अनुशासन और कड़ी मेहनत से ही सुनहरी बनेगी। उन्होंने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और शासन-नीति निर्धारण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।लोकसभा अध्यक्ष के इन कॉलेज दौरों ने युवाओं में एक नया जोश भरा है। शिक्षा, संस्कार और संकल्प के इस संदेश से निश्चित ही भारत एक वैश्विक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है।
