Haryana: लघु सचिवालय झज्जर में सोमवार को सरकारी स्कूलों में बच्चों का खाना बनाने वाली मिड डे मील कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा।Haryana:
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मिड डे मील कर्मचारी यूनियन की प्रधान सरोज दुजाना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर देकर महिलाओं से चूल्हे पर काम न करने की अपील की थी। कहा गया था कि गैस की किल्लत नहीं होगी। लेकिन मिड डे मील के लिए तीन गैस सिलेंडर मिलने चाहिए,जबकि स्कूलों में सिर्फ एक सिलेंडर दिया जा रहा है। ऊपर से कहा जा रहा है कि चूल्हे पर खाना बनाओ। उन्होंने सवाल उठाया कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहां हैं l सरोज दुजाना ने बताया कि मुख्य मांग स्कूलों में खाना बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की है।Haryana:
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इसके अलावा जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हो रही है,वहां मिड डे मील कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। इसका यूनियन विरोध करती है। वहीं जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है,वहां नए कर्मचारी नहीं लगाए जा रहे। इससे कार्यरत कर्मचारियों पर बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मिड डे मील कर्मचारियों को 1500 रुपये वर्दी भत्ता देने का आदेश जारी किया था,लेकिन आज तक उसे लागू नहीं किया गया। शिक्षा मंत्री कुंभकरण की नींद सो रहे हैं।Haryana:
यूनियन की मांग है कि मिड डे मील कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति उम्र 65 वर्ष की जाए और रिटायरमेंट पर विभाग आर्थिक सहायता दे। प्रधान ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं,इसलिए 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील योजना का लाभ दिया जाए। यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो मिड डे मील कर्मचारी बड़ा आंदोलन करेंगे,जिसका खामियाजा विभाग और सरकार को भुगतना पड़ेगा। Haryana:
