उच्चतम न्यायालय में आवारा कुत्तों की याचिका खारिज, सार्वजनिक स्थानों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते

Stray Dogs Case

Stray Dogs Case: उच्चतम न्यायालय ने आवारा कुत्तों को दूसरी जगहों पर भेजने व उनके बंध्याकरण संबंधी अपने पूर्व के निर्देशों को वापस लेने के अनुरोध वाली सभी याचिकाएं और आवेदन मंगलवार को यह कहते हुए खारिज कर दिए कि सम्मान के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों के हमले से मुक्त होकर जीने का अधिकार भी शामिल है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायामूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने आवारा पशुओं से निपटने के लिए ‘भारतीय पशु कल्याण बोर्ड’ द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं की वैधता को चुनौती देने संबंधी याचिकाएं खारिज करते हुए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों व अन्य वैधानिक निकायों को आवारा कुत्तों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत करने के निर्देश दिए।Stray Dogs Case

Read also- अरब नेताओं के अनुरोध पर ईरान युद्द पर लगा विराम, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी ये प्रतिक्रिया

कुत्ते के काटने की संख्या बढ़ी- पीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से बुनियादी ढांचा तैयार करने में निरंतर और व्यवस्थित प्रयासों की ‘‘स्पष्ट कमी’’ दिखती है।उसने कहा कि ‘पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम’ का कार्यान्वयन देशभर में अलग-अलग क्षेत्रों में बिखरे हुए, अपर्याप्त वित्तपोषण के साथ और असमान तरीके से हो रहा है।।Stray Dogs Case

पीठ ने कहा कि सम्मान के साथ जीने के अधिकार में कुत्ते के काटने के खतरे से मुक्त होकर जीने का अधिकार भी शामिल है और अदालत इस कड़वी जमीनी हकीकतों से आंखें नहीं मूंद सकती कि बच्चे, विदेशी पर्यटक और बुजुर्ग कुत्ते के काटने की घटनाओं का शिकार हुए हैं।अदालत ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए मिलकर बुनियादी ढांचा मजबूत करें।Stray Dogs Case

Read also- Crime News: नोएडा में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, पुलिस कार्रवाई में बदमाश के पैर में लगी गोली

बंध्याकरण संबंधी आदेश की याचिकाएं खारिज – शीर्ष अदालत ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास और बंध्याकरण पर सात नवंबर के अपने आदेश में बदलाव के अनुरोध वाली याचिकाओं पर अपना फैसला 29 जनवरी को सुरक्षित रख लिया था और इस संबंध में पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा तमिलनाडु के प्रयासों पर असंतोष व्यक्त किया था।पिछले साल सात नवंबर को शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में ‘‘चिंताजनक वृद्धि’’ का संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने आवारा कुत्तों को बंध्याकरण के बाद तत्काल निर्धारित आश्रय स्थलों में भेजने का निर्देश दिया था।Stray Dogs Case

अदालत ने यह भी कहा था कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को उनके मूल स्थान पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा। साथ ही अधिकारियों को राज्य राजमार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से सभी मवेशियों और अन्य आवारा पशुओं को हटाने का निर्देश दिया था।शीर्ष अदालत मीडिया की उस खबर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए 28 जुलाई से सुनवाई कर रही है जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में, खासकर बच्चों में आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज फैलने की जानकारी दी गई थी।Stray Dogs Case

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *