Modi कैबिनेट का फैसला: तीन पेंशन योजनाओं से हटा इंदिरा गांधी का नाम, अब ये होंगे नए नाम

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Modi कैबिनेट- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 2031 तक जारी रहेगा, ₹53,428 करोड़ का बजट मंजूर; दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ी और पात्रता की सीमा में भी बदलाव

News Desk : केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के नाम और दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इसके लिए पांच साल में 53,428 करोड़ रुपये के कुल खर्च को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के तहत कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा। इसके अलावा तीन पेंशन योजनाओं के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटा दिया गया है। सरकार के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत बुजुर्गों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। कैबिनेट के फैसले में दिव्यांग पेंशन की सहायता राशि बढ़ाने के साथ पात्रता के नियमों में भी बदलाव शामिल हैं। केंद्र सरकार के अनुसार, इस मंजूरी से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।Modi

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अब इन नामों से जानी जाएंगी पेंशन योजनाएं
कैबिनेट के फैसले के बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना होगा। इसी तरह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना को प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना को प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के नाम से जाना जाएगा। केवल इन तीन पेंशन योजनाओं के नाम ही नहीं बदले गए हैं, बल्कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम भी प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया गया है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नया नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना होगा। यह बदलाव कार्यक्रम के नाम और उसकी उप-योजनाओं की पहचान से जुड़ा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुजुर्गों और विधवा महिलाओं की पेंशन योजनाएं तथा परिवार लाभ योजना मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी। यानी इन योजनाओं के नाम बदलने के साथ उनके मौजूदा स्वरूप को जारी रखने का फैसला भी लिया गया है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को की गई थी। इसका उद्देश्य गरीबी से प्रभावित और कमजोर परिवारों को बुनियादी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।Modi

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दिव्यांग पेंशन अब 375 और 625 रुपये, पात्रता की सीमा भी बदली
कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन की सहायता राशि और पात्रता के नियमों में भी बदलाव को मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के अनुसार, जन्म से लेकर 79 वर्ष तक के पात्र दिव्यांगजनों को अब 375 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों के लिए यह राशि 625 रुपये प्रति माह होगी। पहले संबंधित आयु वर्गों में सहायता राशि क्रमशः 300 रुपये और 500 रुपये थी। एक अन्य अहम बदलाव के तहत बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही, दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त को भी बदलकर जन्म से लागू करने का फैसला किया गया है। केंद्र सरकार ने इन बदलावों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप बताया है। हालांकि, नए नियमों को लागू करने के लिए पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी किए जाने हैं। इसलिए लाभार्थियों को नए प्रावधानों के वास्तविक क्रियान्वयन और अपनी पात्रता की जानकारी के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर ध्यान देना होगा।Modi

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