AAP Politics: आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अपने सांसद राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उप-नेता के पद से हटाने का आग्रह किया और उनकी जगह पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित किया है। सूत्रों ने गुरुवार को ये जानकारी दी।सूत्रों के अनुसार, पत्र में कहा गया है कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने के लिए ‘एएपी’ के निर्धारित कोटे से समय आवंटित नहीं किया जाना चाहिए।AAP Politics:
राघव चड्ढा, पंजाब से राज्यसभा सांसद भी हैं। ये कदम ‘एएपी’ से जुड़े मामलों पर राघव चड्ढा की लंबे समय से चली आ रही चुप्पी और पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के कई सार्वजनिक कार्यक्रमों से उनकी अनुपस्थिति के बीच उठाया गया है। AAP Politics:
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कभी केजरीवाल के करीबी विश्वासपात्र और देश के सबसे युवा सांसदों में से एक माने जाने वाले राघव चड्ढा ने पार्टी के कामों में अहम भूमिका निभाई थी। इसमें खासकर पंजाब और दिल्ली में ‘एएपी’ के कार्यकाल के दौरान उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। हालांकि, हाल के महीनों में हालात बदल गए हैं।आबकारी नीति मामले से जुड़े होने के आरोप में मार्च 2024 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय राघव चड्ढा मेडिकल कारणों से विदेश में थे।केजरीवाल की लगभग छह महीने की कैद के दौरान राघव चड्ढा देश से बाहर ही रहे और 13 सितंबर 2024 को उनकी रिहाई के कुछ ही दिनों बाद उनसे मिले।AAP Politics:
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दिल्ली की एक अदालत द्वारा आबकारी मामले में केजरीवाल, पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और ‘एएपी’ के अन्य नेताओं को पिछले महीने बरी किए जाने पर राघव चड्ढा ने चुप्पी साधे रखी।अदालत से राहत मिलने के बाद केजरीवाल की पत्रकार वार्ता और जंतर-मंतर पर हुई रैली में भी वे शामिल नहीं हुए। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि राघव चड्ढा को अन्य राज्यों में पार्टी के चुनाव प्रचार अभियानों और संगठनात्मक कामों से धीरे-धीरे अलग किया जा रहा है।
हालांकि वे संसद के भीतर और बाहर मुखर रहे हैं और हवाई किराए में बढ़ोतरी और गिग वर्कर्स की स्थिति जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं।मित्तल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने उन्हें राज्यसभा में ‘एएपी’ के उप-नेता की भूमिका सौंपी है और वे पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और सदन में पार्टी के रुख और राष्ट्रीय हितों, दोनों को जोरदार ढंग से प्रस्तुत करेंगे।AAP Politics:
