Ahmedabad: भारतीय रेल की बड़ी पहल: नमक लोडिंग के लिए स्टेनलेस स्टील कंटेनरों का हुआ सफल ट्रायल

Ahmedabad: भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई की दुनिया में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अहमदाबाद मंडल के भीमासर–गांधीधाम सेक्शन में रेलवे ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिससे नमक का परिवहन न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि इसकी गति भी दोगुनी हो जाएगी। अहमदाबाद मंडल के भीमासर–गांधीधाम सेक्शन में भारतीय रेल ने माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। Ahmedabad: 

नमक जैसे संक्षारक थोक कार्गो के परिवहन के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए यह कंटेनरों का यहां पहला सफल ट्रायल किया गया। यह पहल तकनीकी नवाचार के साथ-साथ सुरक्षित, तेज़ और आधुनिक माल परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अहम कदम है। इस ट्रायल से यह साफ हो गया है कि पारंपरिक खुले वैगनों की तुलना में कंटेनर आधारित परिवहन अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल हो सकता है। Ahmedabad

Read Also: Parliament: अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का बड़ा फैसला , मामले के निपटारे तक आसन पर नहीं बैठेंगे

आधुनिक कंटेनर डिजाइन और तेज लोडिंग प्रणाली

कंटेनरों की लोडिंग प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाया गया है। नमक की लोडिंग साइलो सिस्टम के माध्यम से या ऊपर से पोकलेन मशीन की मदद से की जा सकती है। प्रत्येक कंटेनर के ऊपर 7 × 4 फीट आकार के दो बड़े ओपनिंग दिए गए हैं, जिनसे पूरी तरह मशीनी और सुरक्षित लोडिंग संभव होती है।ट्रायल के दौरान प्रति कंटेनर लोडिंग में 15 मिनट से भी कम समय लगा। कुल 28 पोकलेन बकेट्स के माध्यम से प्रत्येक कंटेनर में नमक लोड किया गया, जो इस व्यवस्था की उच्च दक्षता और बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।  Ahmedabad

Read Also: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 फरवरी को आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचेगें, एआई इम्पैक्ट समिट में करेगें शिरकत

तेज़ अनलोडिंग और बेहतर उपयोगिता

अनलोडिंग की प्रक्रिया भी उतनी ही आसान और तेज़ रही। हाइड्रॉलिक टिपर ट्रक की सहायता से कंटेनर को लगभग 45 डिग्री तक झुकाकर 5 मिनट से भी कम समय में पूरा नमक खाली कर दिया गया। कंटेनर के साइड में दिए गए दरवाज़ों से नमक अपने आप नीचे गिर जाता है, जिससे कोई अवशेष नहीं बचता और अतिरिक्त सफाई की जरूरत भी नहीं पड़ती।Ahmedabad

तेज़, स्वच्छ और कुशल नमक परिवहन की नई दिशा

एक स्टेनलेस स्टील कंटेनर का खाली वजन लगभग 3 टन है, जिससे बड़े पैमाने पर नमक की ढुलाई समय पर और सुचारु रूप से की जा सकती है। इन कंटेनरों के इस्तेमाल से मैनुअल वैगन क्लीनिंग की आवश्यकता समाप्त हो जाती है और किसी प्रकार की कोटिंग की जरूरत भी नहीं रहती। लोडिंग और अनलोडिंग जल्दी होने से वैगनों का टर्नअराउंड समय कम होता है और परिचालन क्षमता बढ़ती है।भीमासर–गांधीधाम सेक्शन में किया गया यह पहला ट्रायल भारतीय रेल के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पहल न केवल तकनीकी रूप से सफल रही है, बल्कि आत्मनिर्भर, सुरक्षित और कुशल माल परिवहन के विजन को साकार करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हुई है।

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *