Delhi: केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम अब 16 अप्रैल 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो गया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा –यह ‘लंबे समय से लंबित कानून को लागू करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।De lhi:
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केंद्र सरकार ने यह अधिसूचना तब जारी की जब लोकसभा में संशोधित महिला आरक्षण विधेयक 2026 को लेकर बहस चल रही थी।लिहाजा विपक्ष ने सरकार के फैसले पर सवाल उठा दिए।विपक्षी दलों ने इस नोटिफिकेशन को “अजीब” और “राजनीतिक दांव” बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे “पूरी तरह बेतुका” करार दिया। सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि पहले जाति जनगणना होनी चाहिए और मुस्लिम व पिछड़ी महिलाओं के लिए सब-कोटा दिया जाए। कुछ विपक्षी दलों ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाये। Delhi:
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दरअसल सरकार की यह रणनीति दोहरी मानी जा रही है। एक तरफ मूल 2023 कानून को लागू कर उसकी वैधता पक्की कर ली, ताकि संसद में चल रही संशोधन बहस (2029 तक लागू करने का प्रस्ताव) पर आगे बढ़ा जा सके। दूसरी तरफ, इसे संविधान संशोधन के लिए NDA के पास लोकसभा में पर्याप्त संख्या न होने के बावजूद कानून को बचाने और विपक्ष को ‘महिला विरोधी’ दिखाने की चाल भी बताया जा रहा है।
