Delhi: आज लोकसभा में नक्सल मुक्त भारत पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में जोरदार जवाब दिया है। गृहमंत्री का दावा है कि नक्सलवाद अब अपनी आखिरी सांसें ले रहा है। लोकसभा में आज नियम 193 के तहत ‘देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों’ पर बड़ी चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत शिवसेना शिंदे सांसद श्रीकांत शिंदे ने की। Delhi:
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वही विपक्षी सांसदों ने पूछा – क्या 31 मार्च 2026 तक वाकई नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा? प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य कितने तेजी से हो रहे हैं? और बचे हुए नक्सली कितने हैं? आदिवासियों के जल-जंगल और जमीन पर हक को लेकर भी विपक्षी सांसदों की ओर से सवाल उठाए गए। वही गृहमंत्री अमित शाह ने शाम को चर्चा का जोरदार जवाब दिया।गृहमंत्री ने सदन को बताया कि ‘नक्सलवाद की जड़ विचारधारा है, न कि सिर्फ विकास की कमी। हमने सुरक्षा बलों के साथ-साथ विकास और पुनर्वास की दोहरी रणनीति अपनाई है। पिछले वर्षों में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या काफी घटी है। कई नक्सली मुख्यधारा में आ चुके हैं। सरेंडर करने वालों को रोजगार, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन दिया जा रहा है। Delhi:
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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है –देश को नक्सल मुक्त बनाना। यह सिर्फ वादा नहीं, मिशन है। जहां जरूरी होगा, वहां सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन बेकसूर आदिवासियों को मुख्यधारा में जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है।’इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि नक्सलवाद के सबसे बुरे दिनों में कांग्रेस शासन था, जब हमले चरम पर थे। अब मोदी सरकार की नीति से स्थिति पूरी तरह बदली है।”बहरहाल गृहमंत्री ने सदन में इस जोरदार जवाब के साथ ही देश में नक्सल के पूर्ण खात्मे को लेकर बड़ा दम भरा है। Delhi:
