Delhi: भारतीय युवा कांग्रेस यानी IYC ने दिल्ली पुलिस द्वारा अपने कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई FIR को पूरी तरह से ‘मनगढंत’ और ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया है। IYC का कहना है कि यह सरकार की ओर से लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की एक नाकाम कोशिश है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस और सांसद दीपेंद्र हुड्डा और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने दिल्ली पुलिस के दावों पर पलटवार किया। Delhi:
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कांग्रेस के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि पुलिस का आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान “देश के टुकड़े होंगे” जैसे राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए। लेकिन IYC ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मानहानिकारक बताया है। IYC का दावा है कि वीडियो सबूतों में कार्यकर्ता सिर्फ “पीएम कंप्रोमाइज्ड हैं” के नारे लगा रहे थे, जो कि एक संवैधानिक अधिकार है। संगठन ने पुलिस को चुनौती दी है कि वे अपने ‘मनगढंत’ आरोपों का एक भी विश्वसनीय सबूत पेश करें।Delhi:
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हिंसा के आरोप: संगठन ने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी अहिंसा का पालन किया, जबकि उन पर हमला किया गया। IYC ने मांग की है कि पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के बजाय असली हमलावरों को गिरफ्तार करे।टी-शर्ट ‘साजिश’ पर तंज: पुलिस द्वारा टी-शर्ट छपवाने और इवेंट रजिस्ट्रेशन को ‘बड़ी साजिश’ बताने पर IYC ने इसे दिल्ली पुलिस का ‘बौद्धिक दिवालियापन’ करार दिया है।युवा कांग्रेस ने इस पूरी कानूनी कार्रवाई के पीछे के ‘असली मकसद’ पर से पर्दा उठाने का दावा किया है।IYC के अनुसार, यह FIR असल में जनता का ध्यान भटकाने की एक चाल है। आरोप है कि मोदी सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के नाम पर देश की आर्थिक संप्रभुता को खतरे में डाल रही है। IYC का कहना है कि यह समझौता प्रधानमंत्री के करीबी दोस्तों को फायदा पहुँचाने और देश के संसाधनों को बेचने की एक कोशिश है।भारतीय युवा कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे सरकार की इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि हाशिए पर खड़े समुदायों की आर्थिक सुरक्षा के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। Delhi:
