Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CXUM) ने निर्माण और तोड़फोड़ (CND) गतिविधियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और मलबे का गलत तरीके से निपटान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे जिसमें निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियां करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इनसे निकलने वाली धूल हवा में पीएम10 और पीएम2.5 कणों की मात्रा बढ़ा देती है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। खासकर सर्दियों के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।Delhi Pollution
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[CXUM] के सदस्य-सचिव तरुण कुमार पिथोड़े के अनुसार, नए नियमों के तहत नगर निगम और विकास प्राधिकरणों को अपने-अपने क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था करनी होगी। हर 5 किलोमीटर के दायरे में कम से कम एक कचरा संग्रह केंद्र बनाना अनिवार्य किया गया है, जहां निर्माण और तोड़फोड़ से निकला मलबा जमा किया जाएगा। इसके अलावा, 200 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट पर निर्माण या पुनर्निर्माण शुरू करने से पहले बिल्डरों को यह बताना होगा कि कितनी मात्रा में मलबा निकलेगा। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण शुरू करने से पहले सारा मलबा निर्धारित जगह पर जमा कर दिया गया है और उसकी रसीद प्राप्त की गई है।Delhi Pollution
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नए नियमों के अनुसार, बिना मलबा जमा करने की रसीद के किसी भी परियोजना को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं, परियोजना पूरी होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) या ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी करने से पहले भी संबंधित एजेंसियां इस रसीद की जांच करेंगी। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाए।Delhi Pollution
राजधानी में सुरक्षा से आगे बढ़कर अब CCTV नेटवर्क को स्मार्ट सिटी प्रबंधन का बड़ा टूल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मौजूदा सिस्टम के अपग्रेड और नई तकनीकों के समावेश के लिए निजी एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित योजना के तहत 50 हजार नए कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से न सिर्फ निगरानी बल्कि सड़कों के गड्ढे, कूड़ा, धूल प्रदूषण जैसी शहरी समस्याओं पर भी नजर रखी जा सकेगी।Delhi Pollution
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