Manipur Violence: मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हिंसा में चार लोगों की मौत के एक दिन बाद मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुधवार को एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सचिवालय में संयुक्त मुख्यालय सुरक्षा (एकीकृत कमान) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें गृह मंत्री श्री के. गोविंदास, मुख्य सचिव, सुरक्षा सलाहकार, डीजीपी और थलसेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।’Manipur Violence
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मुख्यमंत्री ने कहा, “बैठक में राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं की व्यापक समीक्षा की गई। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, वर्तमान चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने और शांति, स्थिरता तथा सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।”सिंह ने कहा, ‘‘सरकार लोगों के जीवन और हितों की रक्षा करने तथा पूरे राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’Manipur Violence
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पुलिस ने बताया कि मंगलवार को मोइरांग ट्रोंग्लाओबी में बम हमले में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि विस्फोट के विरोध में प्रदर्शन के दौरान भीड़ द्वारा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शिविर पर धावा बोलने से दो अन्य लोग मारे गए।इस घटना के एक दिन बाद यह बैठक आयोजित की गई।Manipur Violence
सिंह ने बम हमले के तुरंत बाद इसे ‘‘बर्बर कृत्य’’ करार दिया और कहा कि जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी जाएगी।उन्होंने कहा, “मैं इसकी घोर निंदा करता हूं। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि दोषियों की पहचान की जाएगी, उन्हें ढूंढा जाएगा और कानून के तहत उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। ऐसे आतंकी कृत्यों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”मई 2023 में मणिपुर में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए।Manipur Violence
