Muharram: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में गुरुवार रात चांद नजर आने के बाद शिया मुस्लिम समुदाय ने मुहर्रम का जुलूस निकाला।
इस मौके पर इलाके की मस्जिदों और इमामबाड़ों को सजाया जा रहा है। मुहर्रम के आयोजन 27 जून से छह जुलाई तक किए जाएंगे।
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उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने गुरुवार को निर्देश दिया कि मुहर्रम के दौरान किसी भी नए जुलूस मार्ग या धार्मिक प्रथाओं की अनुमति न दी जाए। साथ ही जुलूसों में हथियारों के प्रदर्शन पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सभी जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षक/उप महानिरीक्षक और जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकतृत निर्देश को जारी एक विस् में डीजीपी ने इस अवधि के दौरान कानून और व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए एक व्यापक रणनीति बनाई।
मुहर्रम में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के मद्देनजर विशेष रूप से भोर के समय पुलिस को संवेदनशील जगहों की पहचान करने और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष तैनाती सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। आदेश में कहा गया कि पुलिस बल नियमित रूप से सुबह गश्त करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई आपत्तिजनक पोस्टर या सामग्री सार्वजनिक स्थानों पर न रखी जाए।
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डीजीपी ने कहा कि सभी प्रमुख आयोजनों के लिए सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी का आदेश दिया गया है और पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए सभाओं की वीडियोग्राफी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और धार्मिक स्थलों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा जांच तेज की जाएगी और बम निरोधक दस्ते, आतंकवाद रोधी इकाइयां और श्वान दस्तों को आवश्यकतानुसार तैनात किया जाएगा।
