अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में आज एक नया इतिहास रचा गया है। नासा (NASA) का आर्टेमिस-2 (Artemis II) मिशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। चंद्रमा के चक्कर लगाने के बाद, चारों अंतरिक्ष यात्री आज सुबह करीब 5:37 बजे ओरियन कैप्सूल के जरिए प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरे हैं।
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NASA के चारों चंद्रयात्रियों की सफलतापूर्वक वापसी
आपको बता दें, NASA के 10 दिवसीय आर्टेमिस-2 मिशन के दौरान, चालक दल ने पृथ्वी से लगभग 250,000 मील से अधिक की दूरी तय की, जो इंसानों द्वारा अंतरिक्ष में तय की गई अब तक की सबसे लंबी दूरी का एक नया रिकॉर्ड है। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के ‘दूर के हिस्से’ का चक्कर लगाया और ऐसी सतहों की तस्वीरें लीं जिन्हें पहले कभी इंसानी आंखों ने सीधे नहीं देखा था। फिर पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश के दौरान यान की गति लगभग 25,000 मील प्रति घंटा थी और इसे 5,000 °F तक के भीषण तापमान का सामना करना पड़ा। ओरियन अंतरिक्ष यान (जिसे चालक दल ने ‘इंटीग्रिटी’ नाम दिया था) सैन डिएगो के तट के पास प्रशांत महासागर में आज सुबह सफलतापूर्वक ‘स्पलैशडाउन’ हुआ।
NASA के इस मिशन में चार जांबाज अंतरिक्ष यात्री शामिल थे, जिनका नाम क्रमश: रीड वाइजमैन (कमांडर), विक्टर ग्लोवर (पायलट), क्रिस्टीना कोच(मिशन विशेषज्ञ) और जेरेमी हैनसन (मिशन विशेषज्ञ- कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी) है। अमेरिकी नौसेना के जहाज USS John P. Murtha ने रिकवरी ऑपरेशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों और कैप्सूल को सुरक्षित निकाल लिया है। नासा ने इसे “मानवता के लिए एक महान उपलब्धि” बताया है।
