Sleepwalking In Adults : स्लीपवॉकिंग का रहस्य सुलझा? नई स्टडी में हुआ हैरान कर देने वाला खुलासा

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Sleepwalking In Adults : आपने देखा हो या न लेकिन सुना जरूर होगा कि कुछ लोग नींद में चलने लगते हैं ये बात थोड़ी अजीब और मजाक जैसी लगती हैं लेकिन करोड़ों लोगों के लिए यह रात के समय होने वाली एक आम समस्या है. जिसे अक्सर गलत समझा जाता हैं हाल ही में एक रिसर्च सामने आई हैं जिसमें पाया गया हैं कि ये रात में होने वाली घटनाएं हमारी सोच से कहीं ज्यादा आम होती हैं. आपको बता दें कि ये समस्या ज्यादातर बच्चों में पाई जाती हैं. लेकिन कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता हैं. आइये जानते इस आर्टिकल में…Sleepwalking In Adults

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नींद में चलने के दौरान क्या होता है?- नींद में चलने को सोमनाम्बुलिज्म और नींद में बात करने को सोम्निलोक्वी कहते हैं. दोनों को पैरासोमनिया कहा जाता है जब इंसान नींद में बात और चलने लगते हैं तो उस दौरान उनका व्यवहार असामान्य होता हैं. नींद में बातें करना या चलने की घटना आमतौर पर नींद के गहरे हिस्से में होती है जिसे नॉन REM नींद कहा जाता हैं . यह अक्सर सोने के कुछ घंटे बाद होता है. इस दौरान शरीर थोड़ा सा जागा हो सकता है, इतना कि कोई बैठ सके, चल सके या दरवाजा भी खोल सके, लेकिन जो कर रहा होता है उसे होश नहीं होता कि वो क्या कर रहा है.Sleepwalking In Adults

2012 में स्टैनफोर्ड की एक स्टडी के अनुसार, अमेरिका में 3.6% वयस्कों ने पिछले एक साल में नींद में चलने की घटना की रिपोर्ट की और लगभग 30% लोगों ने जीवन में कभी न कभी इसका अनुभव किया था. नींद में बोलना तो इससे भी ज्यादा कॉमन है. लगभग 69% लोग अपने जीवन में कभी न कभी नींद में बोलते हैं.Sleepwalking In Adults

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आपको बता दें कि नींद में चलना या बोलना नुकसानदायक नहीं होता और खुद ही ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ कारण ऐसे होते हैं जिससे ये समस्या बढ़ जाती हैं. जैसे- नींद की कमी, स्ट्रेस, तेज बुखार(खासकर बच्चों में), नींद से जुड़ी समस्याएं जैसे स्लीप एपनिया, नाइट टेरर या रेस्टलेस लेग सिंड्रोम आदि.Sleepwalking In Adults

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