Swami Prabhupada: उपराष्ट्रपति सी.पी राधाकृष्णन ने स्वामी प्रभुपाद के जीवन पर आधारित एक महत्वपूर्ण पुस्तक ‘Sing, Dance and Lead’ का विमोचन किया है। इस दौरान उन्होंने भारत के सभ्यतागत नेतृत्व और मूल्यों पर आधारित लीडरशिप की जमकर सराहना की। आइए देखते हैं। उपराष्ट्रपति ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में स्वामी ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया है। सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने भारत को एक ‘सभ्यतागत लीडर’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराओं ने हमेशा से सेवा, आंतरिक अनुशासन और मूल्यों पर आधारित नेतृत्व पर जोर दिया है। Swami Prabhupada:
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स्वामी प्रभुपाद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनका जीवन उद्देश्य, विनम्रता और नैतिक स्पष्टता पर आधारित नेतृत्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने रेखांकित किया कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में स्वामी प्रभुपाद की शिक्षाएं पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।उपराष्ट्रपति सी.पी राधाकृष्णन ने कहा कि ”स्वामी प्रभुपाद के नेतृत्व की असली पहचान यह है कि भले ही दुनिया में कई लोग उनका नाम न जानते हों, लेकिन उनके कार्यों और संस्थानों से आज करोड़ों लोगों का जीवन संवर रहा है।” Swami Prabhupada:
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उपराष्ट्रपति ने उस ऐतिहासिक क्षण को भी याद किया जब स्वामी प्रभुपाद ने अधिक उम्र में महाद्वीपों की यात्रा की। वे केवल एक धार्मिक दर्शन नहीं, बल्कि अनुशासन और भक्ति से भरी जीवनशैली लेकर दुनिया के सामने गए। 1966 में इस्कॉन (ISKCON) की स्थापना को उन्होंने एक ऐसा नेतृत्व बताया जो ‘अधिकार’ पर नहीं बल्कि ‘दृढ़ विश्वास और सेवा’ पर टिका था।पुस्तक ‘Sing, Dance and Lead’ के विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह किताब इस विचार को पुख्ता करती है कि नेतृत्व आनंदमय और मानवीय हो सकता है। स्वामी प्रभुपाद ने आदेश से नहीं, बल्कि प्रेरणा से नेतृत्व किया।” Swami Prabhupada:
समारोह में संत-कवि तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नेतृत्व की शुरुआत विचारों की स्पष्टता से होती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल भौतिक सफलता के पीछे न भागें, बल्कि दूसरों के उत्थान को ही अपना लक्ष्य बनाएं।इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अक्षय पात्र फाउंडेशन के अध्यक्ष मधु पंडित दास, इस्कॉन बैंगलोर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंचलपति दास सहित कई विद्वान और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।उपराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले लोगों और युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक का काम करेगी। ” Swami Prabhupada:
