T20 Series: भारत ने उप कप्तान स्मृति मंधाना (82 रन) और करिश्माई बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स (59 रन) के बीच शतकीय साझेदारी के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत शनिवार को यहां निर्णायक तीसरे और आखिरी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ऑस्ट्रेलिया पर 17 रन से शिकस्त देकर इस मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक दशक में पहली द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला अपने नाम की।
मंधाना (55 गेंद में आठ चौके और तीन छक्के) और रोड्रिग्स (46 गेंद में चार चौके) ने मिलकर 121 रन की साझेदारी निभाकर भारत को छह विकेट पर 176 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचाया। फिर भारतीय गेंदबाजों ने कमाल की गेंदबाजी की जिसमें युवा स्पिनर श्रेयंका पाटिल (22 रन देकर तीन विकेट) और तेज गेंदबाजी की अगुआई करने वाली रेणुका सिंह (29 रन देकर एक विकेट) ने ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को झकझोरते हुए स्कोर तीन विकेट पर 32 रन कर दिया।
इन शुरुआती झटकों ने भारत के दबदबे भरे प्रदर्शन की शुरुआत की और अंत में उसने मेजबान टीम को 20 आवेर में नौ विकेट पर 159 रन पर रोककर टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में 2-1 से यादगार जीत दर्ज की। इस तरह भारत ने 2016 के बाद ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला जीती। बाएं हाथ की युवा स्पिनर श्री चरणी (32 रन देकर तीन विकेट) ने भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाते हुए तीन विकेट प्राप्त किए। टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही क्योंकि शेफाली वर्मा (07) फिर से जल्दी आउट हो गईं।
इससे सीरीज में उनका निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा। तीसरे ओवर में तेज गेंदबाज किम गार्थ की ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ गेंद को खेलने की कोशिश में शेफाली सीधे जमीन पर ऊंचा शॉट मार बैठीं और अनाबेल सदरलैंड को मिड-ऑन पर कैच देकर पवेलियन लौट गईं जिससे भारत का स्कोर एक विकेट पर 19 रन हो गया था। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिनू के छठे ओवर में मंधाना और जेमिमा ने तीन चौके लगाकर 14 रन बनाए जिससे भारतीय लय में आ गए। पावरप्ले के आखिर में भारत का स्कोर एक विकेट पर 54 रन था।
मंधाना और जेमिमा दोनों ने स्कोरबोर्ड चलायमान रखा। मंधाना दबाव बनाने के मूड में दिख रही थीं। उन्होंने नौवें ओवर में लेग स्पिनर जॉर्जिया वेयरहम (उनका पहला ओवर था) पर डीप स्क्वायर लेग और डीप मिडविकेट के बीच शानदार स्वीप शॉट खेलकर चौका जड़ा। इस तरह 10 ओवर में भारत का स्कोर एक विकेट पर 86 रन था। मंधाना ने शानदार अंदाज में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 12वें ओवर में तेज गेंदबाज डार्सी ब्राउन की गेंद पर छक्का लगाकर 38 गेंद में यह मुकाम हासिल किया। ये उनका 160 मैच में 33वां अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक था।
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मंधाना और रोड्रिग्स के बीच दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी महज 66 रन बनी। मंधाना ने फिर 17वें ओवर की पहली गेंद में सदरलैंड पर मिडविकेट के ऊपर शानदार छक्का लगाया और अगली ही गेंद पर कैच आउट हो गईं। कप्तान हमरनप्रीत कौर ने ऋचा घोष (18 रन) को बल्लेबाजी क्रम में प्रमोट किया और इसका फायदा भी मिला। उन्होंने 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर एक घुटने के बल बैठकर मिडऑन पर छक्के के लिए पहुंचाया। ऋचा ने सात गेंद में 18 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया पर भारत ने दबाव बना दिया। सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वोल (10) और बेथ मूनी (06) जल्दी आउट हो गईं। श्रेयंका ने दूसरे ओवर में वोल को आउट किया जबकि अनुभवी तेज गेंदबाज रेणुका ने तीसरे ओवर में मूनी को पवेलियन भेजा।
ऑस्ट्रेलियाई टीम तब मुश्किल में पड़ गई जब श्रेयंका ने एलिस पैरी को एक रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। जिससे मेजबान टीम ने चार ओवर के अंदर 32 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। एशले गार्डनर (45 गेंद में 57 रन) ही एकमात्र बल्लेबाज रहीं जो टिककर खेल सकीं। उन्होंने संयम से खेलते हुए अर्धशतक जड़कर संघर्ष किया। लेकिन 16वें ओवर में अरुंधति रेड्डी (35 रन देकर दो विकेट) ने उनका विकेट लेकर मैच पूरी तरह से भारत के पक्ष में कर दिया।
