Transgender Bill: ‘ट्रांसजेंडर’ शब्द की उपयुक्त परिभाषा देने और इस वर्ग के लोगों को नुकसान पहुंचाने के मामले में सजा के प्रावधान वाला एक विधेयक शुक्रवार 13 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन बिल सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने पेश किया।
ट्रांसजेंडर की पहचान!
विधेयक में कहा गया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की सही और सुनिश्चित पहचान करना और उनकी सुरक्षा के लिए एक उपयुक्त परिभाषा देना जरूरी है ताकि उन्हें मौजूदा कानून का फायदा मिल सके। इसमें कहा गया है कि 2019 के मौजूदा कानून के तहत दी जाने वाली सुरक्षा और फायदे बहुत व्यापक हैं और इसलिए इस बात का ध्यान रखना होगा कि ‘‘ऐसी पहचान किसी व्यक्ति की किसी खासियत या निजी पसंद या खुद की बताई गई पहचान के आधार पर नहीं दी जा सकती।’’
Read Also: Sports News: स्विस ओपन में बड़ा उलटफेर, कंधे में दर्द के कारण सात्विकसाईराज की जोड़ी स्विस ओपन से हटी

कौन होगा ट्रांसजेंडर?
संशोधन विधेयक में एक नया उपखंड जोड़ा गया है, जिसके अनुसार ट्रांसजेंडर व्यक्ति वह होगा जिसकी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान ‘किन्नर’, ‘हिजड़ा’ अथवा ‘जोगता’ के रूप में हो, या जन्म से ही पुरुष या महिला के शारीरिक विकास की तुलना में एक या अधिक लैंगिक विशेषताओं में जन्मजात भिन्नता वाला हो। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति या बच्चा, जिसे बलपूर्वक, प्रलोभन देकर, छल या सहमति के साथ या बिना सहमति के, अंग-भंग, नसबंदी, या किसी भी शल्य चिकित्सा, रासायनिक या हार्मोनल प्रक्रिया या अन्य तरीके से ट्रांसजेंडर पहचान को अपनाने, स्वीकार करने या इसे प्रदर्शित करने के लिए मजबूर किया गया हो, वह भी इस परिभाषा के दायरे में आएगा।
Read Also: सच या अफवाह! जो देगा ईरान के इन नेताओं की जानकारी, उन्हें मिलेगा 1 करोड़ का इनाम…
ट्रांसजेंडर व्यक्ति के अधिकार
विधेयक में नुकसान की गंभीरता, क्षति की अपरिवर्तनीयता और बाल पीड़ितों को ध्यान में रखते हुए, श्रेणीबद्ध दंडों के साथ विशिष्ट अपराधों को परिभाषित करने का प्रस्ताव किया गया है। जिस व्यक्ति को (ट्रांसजेंडर) पहचान पत्र जारी किया गया है और जिसे ट्रांसजेंडर घोषित किया गया है, उसे जन्म प्रमाण पत्र और अपनी पहचान से संबंधित अन्य सभी आधिकारिक दस्तावेजों में अपना पहला नाम बदलने का अधिकार होगा।
