Triple Talaq: देश में एक बार में ‘तीन तलाक’ देने की प्रथा के खिलाफ बनाए गए कानून के अमल पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने शुक्रवार को संतोष जताया और कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाएं मदद के लिए आयोग का दरवाजा भी खटखटा सकती हैं। रहाटकर ने इंदौर में मीडियाकर्मियों से कहा,‘‘तीन तलाक प्रथा के खिलाफ देश में पहले ही कानून बन गया है और इस कानून पर बहुत अच्छी तरह अमल भी हो रहा है।
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हालांकि, अभी इतनी जागरूकता नहीं बढ़ी है कि हरेक महिला को अपने अधिकारों के बारे में पता चले, पर ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाएं हमारे पास भी आ सकती हैं।राष्ट्रीय महिला आयोग प्रमुख ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में शहर में संपन्न ‘जन सुनवाई’ में आईं महिलाओं में तीन तलाक प्रथा से पीड़ित एक महिला भी शामिल थी और उन्होंने पुलिस को उसकी शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।Triple Talaq Triple Talaq
मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 ‘तलाक-ए- बिद्दत’ यानी एक बार में तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध खत्म करने की प्रथा पर रोक लगाता है। इस कानून में मुजरिम के लिए तीन साल तक के कारावास का प्रावधान है।रहाटकर ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते साइबर अपराध आयोग के लिए चिंता का विषय है और यह निकाय अलग-अलग जागरूकता अभियान चलाकर आधी आबादी को ऐसे अपराधों के प्रति सचेत कर रहा है।Triple Talaq Triple Talaq Triple Talaq
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मध्यप्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली रहने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने जवाब दिया,‘‘यह पद भरने के लिए हम प्रदेश सरकार को पहले ही बोल चुके हैं। हम प्रदेश सरकार से फिर आग्रह करेंगे कि इस पद पर तुरंत नियुक्ति की जाए।अधिकारियों ने बताया कि शहर में ‘जन सुनवाई’ के दौरान रहाटकर ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के करीब 70 प्रकरण सुने और इनमें ठोस कदम उठाए जाने के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश दिए।
