UP Politics: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के दोनों उप-मुख्यमंत्री संतों और बटुक ब्राह्मणों का सम्मान करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 40 दिनों के भीतर गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित नहीं किया गया, तो संत लखनऊ तक मार्च करेंगे। UP Politics:
Read Also: Sen Community: छत्तीसगढ़ में सेन समाज का बड़ा फैसला, अकेले में फोन कॉल पर बात नहीं कर सकेंगे….
वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में हाल में संपन्न माघ मेले के दौरान हुए उस विवाद के संबंध में उप-मुख्यमंत्रियों- ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य – की हालिया टिप्पणियों का जिक्र किया, जहां कुछ बटुकों के साथ सुरक्षा कर्मियों द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया था। उन्होंने कहा कि पाठक ने बटुकों की चोटी को कथित तौर पर खींचने को ‘गंभीर पाप’’ करार दिया था और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। UP Politics:
Read Also: Delhi: उच्चतम न्यायालय ने धोखाधड़ी मामले में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट को दी जमानत
अविमुक्तेश्वरानंद ने मौर्य की पिछली अपील का भी जिक्र किया जिसमें उनसे अपना विरोध समाप्त करने और मौनी अमावस्या पर संगम में पवित्र स्नान करने का आग्रह किया गया था। उस दौरान उप-मुख्यमंत्री ने दोहराया था कि राज्य सरकार संतों का सम्मान करती है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘‘दोनों उपमुख्यमंत्री समाज में अपनी स्थिति के प्रति सचेत हैं और उन्होंने दिखाया है कि वे बटुकों और संतों का सम्मान करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि पाठक के अपने लखनऊ आवास पर 101 बटुकों के लिए अनुष्ठान करने के निर्णय ने इस दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित किया। UP Politics:
हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर सरकार 40 दिनों के भीतर गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित नहीं करती है, तो साधु और संत लखनऊ की ओर मार्च करेंगे।इस बीच, वाराणसी पहुंचे पाठक ने इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब देने से परहेज किया।लखनऊ में, उप-मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि बड़ी संख्या में बटुक गुरुवार को पाठक के आवास पर गए और ब्राह्मण समुदाय से संबंधित मुद्दों को उठाने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। UP Politics:
सूत्रों के मुताबिक, बटुकों ने सामाजिक सम्मान और परंपराओं की रक्षा को लेकर उपमुख्यमंत्री के रुख की सराहना की।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में बटुक और ब्राह्मण समुदाय मतदाताओं का लगभग 10-12 प्रतिशत होने का अनुमान है।2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उन तक पहुंच बनाना महत्वपूर्ण है। UP Politics:
