Uttar Pradesh: राजधानी दिल्ली में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात होते ही पारा भी लुढ़कने लगता है। ठंड से बचने के लिए बेघर और बेसहारा लोग सुरक्षित ठिकाना तलाशने लगते हैं। यही वजह है कि रात के समय में ‘रैन बसेरा’ या रात्रि आश्रय स्थल में बेघर लोगों की तादाद बढ़ जाती है।
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बुनियादी सुविधाओं से लैस ये अस्थायी टेंट जरूरतमंदों को बिस्तर, कंबल, खाना और चिकित्सा सहायता मुहैया कराते हैं। इन शेल्टर होम में रहने वालों की पहले जांच पड़ताल की जाती है, उसके बाद ही रहने की इजाजत मिलती है। दिल्ली सरकार शहर भर में 197 आश्रय स्थल चला रही है, जिनकी कुल क्षमता 7,000 से ज्यादा है। सर्दी के मौसम में और ज्यादा अस्थायी तंबू लगाकर इसका क्षमता को बढ़ाया जाता है, ताकि हर जरूरतमंद को आश्रय मिल सके।
