अगली पीढ़ी की चिंता में हम नॉन स्टॉप 4 गुणी गति से काम कर रहे हैं: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में विपक्षियों की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सच्चा नेतृत्व वहीं होता है जो केवल आज की राजनीति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का भी ख्याल रखता है। पेश किए गए बजट में हमारा लक्ष्य है वर्ष 2047 से पहले विकसित हरियाणा बने। जो बच्चे वर्ष 2026-27 में पैदा होंगे, वर्ष 2047 में वे 21 साल के होंगे तथा विकसित हरियाणा में होंगे। यह हमारा संकल्प है। और उसी अगली पीढ़ी की चिंता में हम नॉन स्टॉप 4 गुणी गति से काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कभी कांग्रेस के किसी वित्त मंत्री ने किसी भी बजट में आने वाले दो साल की भी बात की ?

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मुख्यमंत्री हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने इस बीच विपक्ष के बजट को शब्दों और आंकड़ों का मकड़जाल के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने वर्ष 2047 तक एक विकसित हरियाणा की परिकल्पना की है। इसलिए हमारे सभी बजट प्रावधान केवल तात्कालिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि हरियाणा की आने वाली पीढ़ियों के सशक्त व सुनहरे भविष्य के लिए हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता फाइव स्टार होटल और एयर कंडीशन स्थानों पर ही जाते है। लगता है ये चौपालों का महत्व और रास्तों को भूल गये हैं इसलिए उनके रखरखाव के लिए पंचायतों को पैसे देने के उनके ऐतिहासिक प्रस्ताव पर आपत्ति कर रहे हैं।

बेरोजगारी पर पर उठाए सवालों पर भी दिया जवाब:

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्षियों द्वारा प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ने के संबंध में लगाए गए आरोपों पर कहा कि विपक्षियों को बजट में नौकरी शब्द ही नहीं दिखाई दिया। बजट में कुल 15 बार नौकरी व रोजगार शब्द का उपयोग हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेता ने सी.एम.आई.ई. रिपोर्ट का जो आंकड़ा बताया है, ऐसा कोई आंकड़ा संस्था की वेबसाइट पर उपलब्ध ही नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के “सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय” द्वारा अक्तूबर से दिसम्बर 2025 तक की अवधि के करवाये गये नवीनतम आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार संपूर्ण हरियाणा में बेरोजगारी दर 5.0 प्रतिशत बताई गई है जो कि पड़ोसी राज्यों पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश की तुलना में काफी कम है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में बेरोजगारी की दर 7.2 प्रतिशत, पंजाब में 7 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में बेरोजगारी हटाने के ठोस प्रयास किए हैं। वर्ष 2014 से अब तक 1 लाख 72 हजार 774 युवाओं को योग्यता के आधार सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

प्रति व्यक्ति आय पर भी दिया जवाब:

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के नेताओं द्वारा राज्य की प्रति व्यक्ति आय को लेकर उठाए गए सवालों पर भी जवाब दिया गया। उन्होंने कहा कि विपक्षियों ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय 3 लाख 95 हजार रुपये बताई जा रही है। वहीं, परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के अनुसार बड़ी संख्या में परिवारों की आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है। उन्होंने कहा कि इन दोनों बातों को एक-दूसरे से जोड़कर प्रस्तुत करना अर्थशास्त्र की उतनी भी समझ न होना दर्शाता है, जो आजकल एक 12वीं कक्षा के विद्यार्थी को भी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश, चाहे वह अमेरिका हो या न्यूजीलैंड या देश के किसी भी प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय निकालने का एक और केवल एक ही तरीका है कि उस राज्य या देश की GDP को उसकी कुल जनसंख्या से विभाजित किया जाए। जो आंकड़ा आए, वह उस राज्य या देश की प्रति व्यक्ति आय कही जाती है। इसी मानक पद्धति के आधार पर हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय लगभग 3 लाख 95 हजार रुपये है। यह कोई मनमाना आंकड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष स्वयं अपने आंकड़ों में एकरूपता नहीं रख पा रहा है। कोई कहता है कि 51 लाख से अधिक परिवारों की आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है। कोई कहता है कि 60 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा से नीचे है।

लाडो लक्ष्मी का बजट पर भी दिया जवाब:

विपक्षी नेताओं द्वारा दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के बजट को कम होने संबंधित लगाए गए आरोपों पर भी मुख्यमंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षियों के अनुसार प्रदेश में 18 से 60 वर्ष की आयु की महिलाओं की संख्या 82 लाख 50 हजार है। इनके लिए 2,100 रुपये प्रति माह दिया जाए, तो बजट लगभग सालाना 20 हजार करोड़ रुपये बनता है। उन्होंने कहा कि बिना लाडो लक्ष्मी योजना के भी 18 से 60 वर्ष आयु की 34 लाख 27 हजार 993 महिलाएं 3200 रुपये सहायता या तो वृद्धावस्था सम्मान भत्ता या विधवा पेंशन या अविवाहित पेंशन या दिव्यांग इत्यादि ले रही हैं। इनके घर हम 100 बार भी जाएंगे, तो यह लाडो लक्ष्मी का लाभ नहीं लेंगी, क्योंकि वे 3200 रुपये का लाभ क्यों छोड़ेंगी? इन 34 लाख महिलाओं के लिए विपक्षी नेतागण क्यों बजट प्रावधान रखना चाहते हैं ?

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए इसके पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था की है। जो महिलाएं पंजीकरण करवाती हैं, उनकी पात्रता की जांच की जाती है। पात्र पाने पर उन्हें 2,100 रुपये मासिक लाभ दिया जाता है। अब तक 9 लाख 56 हजार 95 महिलाएं पात्र पाई गई हैं। इनके बैंक खातों में अब तक 5 किस्तों में 834 करोड़ 77 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार की गारंटी है कि 6 हजार 500 करोड रुपये का किया गया प्रावधान यदि कम पड़ जाएगा तो सप्लीमेंट्री बजट में जितनी भी जरूरत होगी, वह पूरी कर दी जाएगी।

अपराध संबंधित लगाए गए आरोपों पर भी दिया जवाब:

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा अपराध को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल अधूरी जानकारी प्रस्तुत करके प्रदेश की छवि को धूमिल करने का प्रयास करना सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं होता। एन.सी.आर.बी. द्वारा जो आंकड़े प्रस्तुत किए जाते हैं, वे केवल वार्षिक अपराधों की संख्या से संबंधित होते हैं। एन.सी.आर.बी. कहीं भी यह नहीं बताता कि कोई राज्य ‘सबसे खतरनाक’ है या ‘सबसे सुरक्षित’। इसलिए यह कहना कि हरियाणा देश के 10 सबसे खतरनाक राज्यों में शामिल है, पूरी तरह भ्रामक और अनुचित है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हरियाणा को सुरक्षित, मजबूत और कानून के राज वाला प्रदेश बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। आंकड़े भी यही बता रहे हैं कि पिछले वर्षों में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

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