तरनजीत सिंह संधू आज लेंगे दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ

राजधानी दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में आज एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। अनुभवी पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू आज, 11 मार्च 2026 को दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल (LG) के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। यहां वह विनय कुमार सक्सेना का स्थान लेंगे, जिन्हें अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। लोक निवास में आयोजित शपथ समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के कैबिनेट मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों के शामिल होने की उम्मीद है।

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आपको बता दें, दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू का शपथ समारोह दोपहर 1:30 बजे लोक निवास में आयोजित किया जाएगा। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। वह मार्शल अर्जन सिंह (1989) के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल बनने वाले दूसरे सिख नेता होंगे। विनय कुमार सक्सेना (लद्दाख के नवनियुक्त उपराज्यपाल) के कार्यकाल के बाद अब तरनजीत सिंह संधू दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में प्रदेश की कमान संभालेंगे।

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अनुभवी पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने अपने 35 साल से अधिक के करियर में भारत के लिए कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। वह 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। 1992–1994 तक सोवियत संघ के विघटन के बाद, उन्हें कीव (यूक्रेन) में भारतीय दूतावास स्थापित करने का कठिन कार्य सौंपा गया था। भारत लौटने के बाद, संधू ने दिसंबर 1995 से मार्च 1997 तक विदेश मंत्रालय में विशेष कर्तव्य अधिकारी (प्रेस संबंध) के रूप में भी कार्य किया। 2005–2009 के दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (New York) में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 2011–2013 के दौरान फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) में भारत के महावाणिज्य दूत भी रहे। वाशिंगटन डी.सी. में मिशन उप प्रमुख (2013–2017) और प्रथम सचिव (1997–2000) रहे। 2017–2020 तक श्रीलंका में उच्चायुक्त के रूप में उन्होंने श्रीलंका के साथ द्विपक्षीय संबंधों, विशेष रूप से व्यापार, सुरक्षा और विकास कार्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। 2020–2024 तक उन्होंने अमेरिका में भारत के राजदूत के तौर पर अहम जिम्मेदारी निभाई और इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की 2023 की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा और कोविड-19 महामारी के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। वहीं फरवरी 2024 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने BJP का दामन थामा और फिर अमृतसर से BJP के टिकट पर 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा।

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