पूर्व सैनिक दिवस पर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जयपुर में रक्षा बलों के पूर्व सैनिकों को संबोधित किया। सेना प्रमुख ने कार्यक्रम में मौजूद कई पुरुषों और महिलाओं को ‘वेटरन अचीवर्स अवॉर्ड’ बांटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, “एक सैनिक की ताकत सिर्फ युद्ध के मैदान की सीमाओं तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि उसके परिवार में भी होती है।”
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कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “आप भारतीय सेना की परंपराओं के मशाल वाहक हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं। मैं विशेष रूप से हमारी बहादुर महिलाओं और उनके परिवारों को सलाम करता हूं। आपके धैर्य, साहस और गरिमा ने ये साबित कर दिया है कि एक सैनिक की ताकत सिर्फ युद्ध के मैदान की सीमाओं तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि उसके परिवार में भी होती है।”
रक्षा बलों का पूर्व सैनिक दिवस हर साल 14 जनवरी को फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा की विरासत और बेहतरीन सेवा का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है, जो भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ थे और 1953 में इसी दिन रिटायर हुए थे।
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भारत के सैन्य इतिहास में एक महान हस्ती, फील्ड मार्शल करिअप्पा ने 1947 के युद्ध में सेना को जीत दिलाई और सेवा, अनुशासन और देशभक्ति की एक स्थायी विरासत की नींव रखी। ये दिन राष्ट्र के अपने पूर्व सैनिकों के प्रति गहरे सम्मान और कृतज्ञता की पुष्टि करता है और सेवारत कर्मियों, पूर्व सैनिकों और नागरिकों के बीच बंधन को मजबूत करता है।
