केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सोनम वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है। NSA रद्द होने के साथ ही वांगचुक की रिहाई का रास्ता साफ हो गया। Sonam Wangchuk
केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मशहूर पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लेह में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए की गई थी। लेकिन आज, करीब 6 महीने बाद, सरकार ने उन्हें रिहा करने का निर्णय लिया है। Sonam Wangchuk
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गृह मंत्रालय की ओर से जारी केंद्र सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक सरकार लद्दाख में ‘शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास’ का माहौल बनाना चाहती है। सरकार का मानना है कि लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और बंद के कारण लद्दाख की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भारी नुकसान हो रहा है।स्थानीय छात्रों और नौकरी चाहने वाले युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।सार्थक संवाद के लिए एक सकारात्मक वातावरण का होना अनिवार्य है। Sonam Wangchuk
सरकार ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि इस कदम के पीछे सरकार की मंशा लद्दाख के हितधारकों के साथ फिर से बातचीत की मेज पर आने की है। केंद्र ने दोहराया है कि वह लद्दाख की सुरक्षा और वहां के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उम्मीद जताई जा रही है कि अब ‘उच्चाधिकार प्राप्त समिति’ High-Powered Committee के माध्यम से मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण ढंग से निकाला जाएगा। बहरहाल, सोनम वांगचुक की रिहाई लद्दाख की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है। इससे लद्दाख में जारी गतिरोध खत्म होने की संभावना बढ़ गयी है।
