लोकसभा में आज देश को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा होगी। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार द्वारा दी गई 31 मार्च की समय सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले यह चर्चा होगी।
लोकसभा सचिवालय ने ‘‘देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों’’ पर नियम 193 के तहत सोमवार को चर्चा सूचीबद्ध की है, जिसके अंतर्गत मतविभाजन नहीं होता है। इस नियम के तहत अल्पकालिक चर्चा के लिए सरकार को जवाब देना आवश्यक है। इस चर्चा की शुरुआत टीडीपी के सांसद बायरेड्डी शबरी और शिवसेना सदस्य श्रीकांत शिंदे करेंगे।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि नक्सलवाद का खतरा 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों की एक नयी समीक्षा के बाद देश में नक्सली उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या आठ से घटकर सात हो गई है।
हाल में केंद्र सरकार द्वारा नौ राज्यों (जिनमें 38 जिले शामिल हैं) के साथ मिलकर एलडब्ल्यूई से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना की व्यापक समीक्षा की गई। ये राज्य झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल हैं।
