ADHD: कहा जाता है कि बच्चे अक्सर शरारतें करते ही हैं लेकिन कई बार बच्चे काफी हद तक शरारत करने लग जाते हैं जिसके कारण माता पिता परेशान रहते हैं। बच्चों का शरारत करना या हद से ज्यादा जिद्दी होना केवल उनका स्वभाव ही नहीं बल्कि किसी बीमारी का संकेत भी होता है इसलिए माता पिता के लिए जरूरी है कि उनकी शरारत या जिद्द के कारण उन्हें हर वक्त डांटे नहीं बल्कि किसी डॉक्टर का परामर्श लेकर एक बार चेकअप जरूर कराएं। ADHD के कारण भी अक्सर बच्चों में चिड़चिड़ापन या शरारती स्वभाव हो जाता है।
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क्या है ADHD ?
ADHD एक प्रकार का मानसिक विकार है जिसे Attention Deficit Hyperactivity Disorder भी कहा जाता है। यह बच्चों में न्यूरो डेवलपमेंट डिसऑर्डर के कारण होने वाली बीमारी है। इस बीमारी से ग्रस्त बच्चा किसी भी चीज़ को लेकर काफी उछल-कूद करता है। इस प्रकार के बच्चों का अपनी बॉडी पर कोई कंट्रोल नहीं होता । ये जैसे रिस्पांस करते हैं वह स्थिती इनके नियंत्रण से बाहर होती है। इस बीमारी से ग्रस्त बच्चे अक्सर चिड़चिड़े और शरारती होते हैं क्योंकि ये लोग एक ही काम को करने के बाद उबाऊ महसूस करते हैं। जिस वजह से लोगों को लगता है कि ये काफी ज्यादा शरारती और जिद्दी किस्म के हैं।
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किस उम्र में होता है इस बीमारी का ज्यादा खतरा ?
इस डिसऑर्डर का ज्यादा खतरा आमतौर पर 5 से 9 साल तक बच्चों में अधिक देखने को मिलता है। 15 साल तक यह खतरा अधिक बना रहता है। बच्चे के मानसिक विकास का समय भी यही होता है। ऐसे में यह बीमारी बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। जिसका खामियाजा ताउम्र भुगतना पड़ सकता है। इस समय में बच्चों के दिमाग में अक्सर शैतानी चलती रहती है। कुछ माता पिता इसे बच्चों का स्वभाव समझ कर उन्हें डांटते रहते हैं।
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