प्रमुख राष्ट्रीय पर्वतारोहण संस्थानों की संयुक्त टीम ने पैंगोंग त्सो क्षेत्र की सबसे ऊँची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की

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JIM&WS: भारत के पर्वतारोहण समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, प्रमुख राष्ट्रीय पर्वतारोहण संस्थानों – जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान (JIM&WS) पहलगाम, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) उत्तरकाशी, और हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान (HMI) दार्जिलिंग – के प्रशिक्षकों वाले एक संयुक्त अभियान दल ने पैंगोंग त्सो क्षेत्र की सबसे ऊँची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है।JIM&WS

इस अभियान का आयोजन और नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह, प्रधानाचार्य, JIM&WS, पहलगाम ने किया है।माउंट मेराग-III (6,480 मीटर / 21,254 फीट) पर 29 जुलाई 2025 को सुबह 9:39 बजे चढ़ाई की गयी।माउंट कांगजू कांगड़ी (6710 मीटर / 22,008 फीट) पर 2 अगस्त 2025 को दोपहर 1:13 बजे चढ़ाई की गयी।इस अभियान को कर्नल हेम चंद्र सिंह ने 24 जुलाई 2025 को सोनमर्ग से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।JIM&WS

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विषम मौसम और अत्यधिक ऊँचाई की चुनौतियों के बीच अनुकरणीय साहस, दृढ़ता और टीम वर्क का प्रदर्शन करते हुए, इस टीम ने भारतीय पर्वतारोहण के इतिहास में एक मानक स्थापित किया है।इस अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह, प्रिंसिपल, जेआईएम एंड डब्ल्यूएस पहलगाम ने किया, जिसमें तीनों राष्ट्रीय संस्थानों की एक अनुभवी टीम शामिल थी:सब मेजर/ऑनरी लेफ्टिनेंट (सेवानिवृत्त) रफीक अहमद मलिक (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस)हवलदार सज्जाद हुसैन (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस)JIM&WS

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एनके भरत सिंह (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस)

 

हवलदार/एनए योगेश (जेआईएम एंड डब्ल्यूएस)

 

सब मेजर हजारी लाल (एनआईएम)

 

नायब सब भूपिंदर सिंह (एनआईएम)

 

 रॉबिन गुरुंग (एचएमआई)

 

 जुबिन राय (एचएमआई)

 

यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल हमारे देश के पर्वतारोहियों के अदम्य साहस और सहनशक्ति का प्रतीक है, बल्कि साहसिक खेलों और उच्च-ऊंचाई वाले अभियानों में भारत की बढ़ती क्षमता का भी गौरवशाली प्रमाण है।JIM&WS

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