MP News: इंदौर में दूषित पानी से मासूमों की मौत के लिए भाजपा सरकार की लापरवाही जिम्मेदार – कांग्रेस 

MP News: कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार के निकम्मेपन और लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इससे ‘स्वच्छ भारत’ अभियान व ‘हर घर जल’ योजना की पोल खुल गई है। पार्टी ने इस लापरवाही की स्वतंत्र जांच की मांग की है।  MP News:

कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने की वजह से अब तक 18 लोगों की जान चली गई है और करीब 100 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने वीडियो साक्ष्य दिखाते हुए कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार वाला जो शहर ‘स्वच्छ भारत अभियान’ में आठ बार प्रथम स्थान पर रहा, वहां पाइपलाइनों में मल (सीवेज) का पानी मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान और ‘हर घर जल’ योजना की पोल खुल चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘हर घर जल’ योजना अब “हर घर मल” योजना में तब्दील हो गई है। उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है।कांग्रेस नेता ने सरकार से कई गंभीर सवाल सवाल पूछे, जो किसी बड़े घोटाले की ओर इशारा करते हैं। खेड़ा ने दस्तावेज पेश करते हुए बताया कि इंदौर में पुरानी पाइपलाइन बदलने के ठेके को 22 जुलाई 2022 को ही स्वीकृति मिल चुकी थी, तो काम क्यों नहीं शुरू हुआ? क्या सरकार किसी बड़े कमीशन का इंतजार कर रही थी? इन 18 मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?  उन्होंने बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक से 2003 में 200 मिलियन डॉलर का ऋण भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों की जलापूर्ति सुधार परियोजना के लिए मिला था। उन्होंने मांग की कि इस राशि के उपयोग का तत्काल ऑडिट होना चाहिए।
खेड़ा ने यह भी सवाल किया कि इंदौर में जो दूषित पानी से मौतें हुई, उन मामलों में वाटर सैंपल और प्रभावित नागरिकों के स्टूल सैंपल की जांच हुई या नहीं? क्या प्रभावित लोगों के सैंपल्स में हैजा का बैक्टीरिया मिला है? अगर हैजा की पुष्टि हुई तो सरकार ने इसे इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के अंतर्गत नोटिफाई किया या नहीं? क्या राज्य सरकार ने हैजा के मामलों और मौतों की जानकारी केंद्र सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन को दी है? कांग्रेस नेता ने मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के व्यवहार और मुख्यमंत्री मोहन यादव की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पत्रकार सवाल पूछते हैं, तो विजयवर्गीय गाली-गलौज पर उतर आते हैं, जबकि मुख्यमंत्री उत्सवों में व्यस्त रहते हैं; उनके बीच की अंतर्कलह का खामियाजा छह महीने के मासूम बच्चों तक को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।  MP News:
खेड़ा ने गृहमंत्री गांधीनगर में टाइफाइड फैलने, दिल्ली में पानी की खराब गुणवत्ता और देशभर में मिलावट के अन्य मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल सेंटर फॉर सस्टेनेबिलिटी की रिपोर्ट के अनुसार भारत का लगभग 70 प्रतिशत पानी दूषित हो चुका है, लेकिन भाजपा सरकार देश की जनता को फिजूल की बातों में उलझाए रहती है, ताकि असली मुद्दों पर चर्चा ना हो सके। खेड़ा ने कहा कि पूरे देश में हवा, पानी और दवाइयों तक में जहर घुल चुका है।उन्होंने मांग की कि इंदौर में हुई लापरवाही की तुरंत प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच हो और आदेश दिया जाए। साथ ही एशियन डेवलपमेंट बैंक और सुप्रीम कोर्ट स्तर की एक स्वतंत्र जांच हो, ताकि भाजपा सरकार को जवाबदेह ठहराया जा सके।

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