Political News: बिहार से पांच बार विधायक रहे नितिन नबीन बीते सोमवार 19 जनवरी को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। वे पार्टी के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। यह ऐसे समय में हुआ है जब आगामी महत्वपूर्ण राज्य चुनावों के मद्देनजर पार्टी अपना प्रभाव और बढ़ाना चाहती है। 45 साल के नबीन इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे। जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दूसरे वरिष्ठ भाजपा नेताओं के समर्थन के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया। मंगलवार यानी आज 20 जनवरी को नबीन को औपचारिक रूप से बीजेपी का अध्यक्ष घोषित किया जाएगा, जो पार्टी के शीर्ष संगठनात्मक नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव और पार्टी के एक नए युग में प्रवेश का संकेत है। बीजेपी की स्थापना 1980 में हुई थी।
शांत स्वभाव और सादगी से रहने वाले नबीन ने 14 दिसंबर को बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद बिहार सरकार में कानून और न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। वे जेपी नड्डा का स्थान लेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा 2020 से पार्टी की बागडोर संभाल रहे हैं।पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण ने एक बयान में कहा, मैं घोषणा करता हूँ कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नाम, श्री नितिन नबीन का नाम प्रस्तावित किया गया है।
लक्ष्मण ने बताया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नबीन के पक्ष में 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे और सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। प्रधानमंत्री मोदी भी नबीन की उम्मीदवारी के प्रस्तावकों में शामिल थे। नड्डा सहित कई वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी भी प्रस्तावकों में शामिल थे। 37 नामांकन पत्रों में से 36 पार्टी की राज्य इकाइयों द्वारा और एक बीजेपी संसदीय दल द्वारा दाखिल किया गया था।
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एक्स पर किए पोस्ट में लक्ष्मण ने कहा, बीजेपी के संगठन पर्व के तहत, राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में मेरी मौजूदगी में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि ये “पारदर्शी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया” एक बार फिर पार्टी के मजबूत संगठनात्मक मूल्यों और आंतरिक लोकतंत्र के प्रति उसकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। लक्ष्मण ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह से संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने एक्स पर किए एक अन्य पोस्ट में कहा, “देशव्यापी सहमति से नितिन नबीन एकमात्र उम्मीदवार थे। हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।”
इस अवसर पर नड्डा, वरिष्ठ मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नायब सैनी, प्रमोद सावंत, पेमा खांडू और पुष्कर सिंह धामी सहित दूसरे नेता भी मौजूद थे। बीजेपी नए क्षेत्रों में अपना प्रभाव और बढ़ाने की कोशिश कर रही है, ऐसे में विपक्षी शासित राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के साथ-साथ बीजेपी शासित असम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव नबीन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होंगे, जिन्हें अनुभवी नेताओं पर तरजीह दी गई। बीजेपी की युवा शाखा, भारतीय जनता युवा मोर्चा में अपने करियर को आगे बढ़ाते हुए उभरे नबीन के लिए ये चुनाव पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के शीर्ष पर अपनी क्षमता साबित करने का अच्छा अवसर होगा। लक्ष्मण ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया सोमवार को दोपहर दो बजे से चार बजे के बीच पूरी हो गई।
लक्ष्मण ने कहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए श्री नितिन नबीन के पक्ष में कुल 37 नामांकन पत्र प्राप्त हुए। जांच करने पर सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप में विधिवत भरे हुए और वैध पाए गए। उन्होंने कहा कि 36 राज्यों में से 30 राज्य अध्यक्षों के चुनाव के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई, जो राज्यों के न्यूनतम 50 फीसदी को पूरा करने के लिए जरूरी संख्या से कहीं अधिक है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की अधिसूचना जारी की गई और मतदाता सूची 16 जनवरी, 2026 को प्रकाशित की गई। नबीन ने 2006 में अपने पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा। उनके पिता भी बीजेपी के विधायक थे।
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पार्टी के एक नेता के अनुसार जाति से कायस्थ नवीन भले ही युवा हों, लेकिन उन्हें शासन और जनता एवं संगठन के लिए काम करने का व्यापक अनुभव है। नवंबर 2023 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में पार्टी के सह-प्रभारी के रूप में उन्होंने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को प्रभावित किया, जहां पार्टी ने कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हराकर अप्रत्याशित जीत हासिल की। लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने यही सफलता दोहराई। बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की 11 में से 10 सीटें जीतीं। तत्कालीन बिहार के रांची (अब झारखंड में) में जन्मे नवीन का विवाह दीपमाला श्रीवास्तव से हुआ है और उनके एक बेटा और एक बेटी है।
वे भारी अंतर से चुनाव जीतने के लिए जाने जाते हैं, जिसकी शुरुआत 2006 में हुए पहले उप-चुनाव से हुई, जिसमें उन्होंने लगभग 60,000 वोटों से जीत हासिल की थी। इस साल की शुरुआत में हुए उपचु-नाव में उन्होंने 51,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की। नबीन बीजेपी अध्यक्षों की कड़ी में नवीनतम कड़ी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी 1980 में बीजेपी के पहले अध्यक्ष बने थे और उनके बाद 1986 में लाल कृष्ण आडवाणी अध्यक्ष बने, जिन्होंने तीन कार्यकाल तक इस पद पर कार्य किया। इस पद पर रह चुके अन्य प्रमुख अध्यक्षों में मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण, जना कृष्णमूर्ति, वेंकैया नायडू, राजनाथ सिंह (दो बार), नितिन गडकरी और अमित शाह शामिल हैं।
