Union Budget 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार यानी आज 1 फरवरी को केंद्रीय बजट को निराशाजनक करार दिया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर किक्रेट शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए कटाक्ष किया कि वह ‘‘गेंद खेलने से चूक गईं और स्टंप हो गईं।’’ कांग्रेस सासंद थरूर ने ‘पीटीआई वीडियो’ के मुख्यालय में दिए एक साक्षात्कार में कहा कि सीतारमण के बजट भाषण में विशेष बातें कम थीं और इसमें समग्र दृष्टिकोण का ‘‘पूरी तरह अभाव’’ था।
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तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने कहा कि इस बजट में खुश होने लायक कुछ भी नहीं है। थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि सबसे बड़ा अनुत्तरित प्रश्न अब भी रोजगार का है, और बजट भाषण में इस बात का कोई संकेत नहीं था कि रोजगार कैसे पैदा किया जाएगा। जब थरूर से पूछा गया कि क्या वित्त मंत्री ने ‘‘शानदार शॉट लगाया है’’ या ‘‘पूरी तरह से चूक गईं और स्टंप हो गईं’’, तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह स्टंप हुई हैं या नहीं, लेकिन ऐसा लगता है कि वह गेंद चूक गई हैं। एक-दो जगहों पर बल्ले का किनारा लगा हो सकता है, लेकिन मुझे अभी तक यह पक्का नहीं लग रहा है कि बल्ले के बीच से कोई शॉट लगा हो।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘बड़े मुद्दों पर, हमें बजट में मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी सुनने को नहीं मिला। Union Budget 2026 Union Budget 2026
राज्यों के लिए भी कुछ नहीं था। वास्तव में, राजकोषीय विकेंद्रीकरण 41 प्रतिशत पर अपरिवर्तित है, और कई राज्यों ने शिकायत की है कि उनके पास अपने नागरिकों के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन नहीं है।’’ उन्होंने दावा किया कि प्रमुख पहलुओं, जैसे कि क्या स्थापित किया जाएगा और कहां, के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। केरल का उदाहरण देते हुए तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा कि राज्य लगभग 15 वर्षों से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन इस बारे में कोई घोषणा नहीं की गई है। Union Budget 2026 Union Budget 2026
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कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना का जिक्र तो हुआ, लेकिन यह नहीं बताया गया कि यह कहां स्थापित किया जाएगा। केरल के लोग सोचते हैं कि आयुर्वेद के एक प्रमुख केंद्र के रूप में यह एक उपयुक्त स्थान होना चाहिए, लेकिन उन्होंने हमें इसका कोई आश्वासन नहीं दिया है।’’ थरूर ने कहा, ‘‘सबसे बड़ा सवाल रोजगार का है। इस बारे में बहुत कम बात हुई कि हम इस या उस तरीके से रोजगार पैदा करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि बजट भाषण में समग्र दृष्टिकोण का पूर्ण अभाव था।
