Lok Sabha: राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में आज जोरदार हंगामा हुआ। सदन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की व्यवस्था के बावजूद राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित किताब के हवाले से चीनी अतिक्रमण का मुद्दा लगातार उठाते रहे। सत्तापक्ष की ओर से इसका विरोध हुआ तो सदन में गतिरोध बना रहा।
दरअसल, लोकसभा के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा चल रही थी। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बोलना शुरू किया और उन्होंने पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के कुछ अंशों का जिक्र किया, जो एक पत्रिका में छपे थे। राहुल गांधी ने डोकलाम और लद्दाख गतिरोध के संदर्भ में कहा कि चीनी टैंक भारतीय क्षेत्र में घुस रहे थे और राजनीतिक फैसलों पर सवाल उठाए।
Read also: अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को ग्रैमी पुरस्कार के लिए दी बधाई
जैसे ही राहुल गांधी ने यह पढ़ना शुरू किया, सत्ता पक्ष भड़क उठा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि अप्रकाशित किताब के अंश सदन में नहीं पढ़े जा सकते, यह नियमों के खिलाफ है। गृहमंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विरोध किया। स्पीकर ओम बिरला ने भी नियमों का हवाला देते हुए राहुल गांधी को अभिभाषण के विषय पर बोलने की बार-बार नसीहत दी। Lok Sabha
हालांकि राहुल गांधी ने कई बार कोशिश की और कहा, “मुझे सिर्फ 2-3 लाइनें पढ़नी हैं, यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। वे डर क्यों रहे हैं? क्या इसमें ऐसा क्या है जो वे नहीं सुनना चाहते?” इससे सदन में नारेबाजी और हंगामा बढ़ता गया। सदन को पहले दोपहर 3 बजे तक, फिर 4 बजे तक स्थगित किया गया और आखिरकार दिन भर के लिए – यानी कल सुबह 11 बजे तक सदन स्थगित कर दिया गया। Lok Sabha
Read also: सरकार को 16वां वित्तीय आयोग लागू होने पर राजकोषीय लक्ष्यों पर सावधानी बरतनी होगी- व्यय सचिव
सदन के बाहर निकलते ही राहुल गांधी ने मीडिया से कहा कि सरकार उन्हें बोलने नहीं दे रही, पीएम-रक्षा मंत्री सहज नहीं हैं और यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार चीन से जुड़े सवालों पर चर्चा नहीं चाहती। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी पर बड़े आरोप लगाए। बीजेपी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने सदन के नियम तोड़े, स्पीकर के फैसले की अवहेलना की और अपुष्ट सामग्री पढ़कर सदन का समय बर्बाद किया। Lok Sabha
कुछ एनडीए सांसदों ने इसे संसद की गरिमा के खिलाफ बताया और कांग्रेस पर राष्ट्रवाद को लेकर सवाल उठाए। बहरहाल इस घटना ने बजट सत्र के बीच राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। खासकर जब विपक्ष सरकार को चीन नीति पर घेरने की कोशिश कर रहा है। Lok Sabha
